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कौमी एकता मुशायरे में सजी शायरों की महफिल

Sat, 02 Apr 2016 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
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उसऱ् - फोटो : amar ujala
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ललितपुर। हजरत बाबा सदनशाह रहमत उल्ला अलैह के उर्स में श्रद्घालुओं ने सजदा कर बाबा की दरगाह पर चादर चढ़ाई। इस दौरान लोगों ने मुल्क में शांति की दुआ मांगी। वहीं, देर रात तक मुशायरे में शायरों ने एक से बढ़कर एक कलाम प्रस्तुत किए।
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बृहस्पतिवार को शुरू हुए उर्स में पहली रात मुशायरों के नाम रही। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि जिलाधिकारी डॉ. रूपेश कुमार व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने दीप जलाकर की। जिलाधिकारी ने कहा कि बाबा सदन की ख्याति देशभर में फैली है, जो भी बाबा के दर पर आता है उसकी सभी मुरादें पूरी होती हैं। उर्स कमेटी के सदर बाबू बदरुद्दीन कुरैशी ने जिलाधिकारी को पगड़ी बांधी। अध्यक्षता जिला जज रायसेन शिशिर कांत चौबे ने की।

मुशायरे की शुरूआत वासिफ फारुखी ने मोहम्मद से कहा हम तेरे हैं... पढ़कर की, जो खूब पसंद की गई। अयाज की शायरी वरफाना ए मिसरत..., अबरार झांसी की शायरी भूखे को जो मैंने खाना खिला दिया, रहमत का फिर खुदा ने भी दरिया बहा दिया, उसकी नवाजिशों का ठिकाना नहीं कोई, उसने चाहा जिसे उसे सिकंदर बना दिया..., डा. कौशल फरहत ने सुनाया मुझको अपनी निश्वतों का सिलसिला मालूम, इंतहा कुछ भी हो, इत्तला मालूम... सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद आए उज्मी अहमदाबादी ने कहा कि रहके खामोश भी हर बात बता देता, चेहरा अच्छे बुरे हालात बता देता, रहके खामोश भी चेहरा बता देता है, लहजा इंसान की औकात बता देता है...,  इसके बाद आए विजय तिवारी भोपाल ने कहा कि आबे जम-जम मिला दूं गंगा में बाबा, एक दिन का निजाम बना दे बाबा, तू चाहे सुल्तान को दरबान बना दे, एक गैर मुसलमान की फरियाद है मौला, हर शख्स को ईमान बना दें, सुगंध आए तो खुशबू बोलता है, मेरा बेटा भी उर्दू बोलता है, उतर जाती है थकान जब लिपटकर वह मुझे अब्बू बोलता है।
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इसके बाद असर ललितपुर ने शायरी का कमाल दिखाते हुए खूब वाह वाही लूटी। उन्होंने कहा कि अमीरे शहर को झुककर सलाम करते हैं, किसी गरीब का यूं अहतराम करते हैं..। इसके अलावा अन्य शायरों में हामिद भुसावली, अयाज अहमद औरेया, असरार चंदेरबी, शकील कुरैशी, अंजुम बाराबंकी, अबरार दानिश, नईम अख्तर बुरहानपुर, मीसम गोपालपुरी आदि ने भी महफिल-ए-मुशायरा में समां बांध दिया। वासिफ फारुखी बहराइच ने शानदार संचालन किया। इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने बाबा की दरगाह पर चादर चढ़ाई।
कार्यक्रम में एडीएम एम के त्रिवेदी, अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह, जिला मुस्लिम एसोसिएशन के सदर असलम कुरैशी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष डा. सतीश कुमार सुड़ेले, एसडीएम रमेश चंद्र, क्षेत्राधिकारी ओमकार यादव, कुंवर बहादुर, बल्देव सिंह, शहर पेश इमाम हाजी अब्दुल अलीम, हाजी साबिर अली, हाजी अतीक अहमद, कमरुद्दीन कप्तान, रमजानी दादा, अब्दुल रहमान कल्ला, रमजानी दादा, पत्रकार अबरार अली, मीडिया प्रभारी मोहम्मद नसीम, मनीष अहमद कादरी, रिजवान उज्जमा, गुलाम मोहम्मद गागा, हाजी अनीस खां, हाजी सत्तार खां, शहीद खां मंसूरी, हाजी अतीक अहमद, समीर चौबे, शरद चौबे, शरीफ कुरैशी, आसिफ कुरैशी, आसिफ पठान, राजू सिंधी, सरवर खां, साबिर खां, मास्टर शकील, रज्जब अली, असर ललितपुरी, करीम असर, अब्दुल समद खां, मोहम्मद जमील लालू, कलीम खां, मु.जमील, सहादत अली, पार्षद मुस्तफा खां आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अजीज कुरैशी ने किया।
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