ललितपुर। थाना मड़ावरा के ग्राम पिपरट निवासी उम्मेदी (33) घर में दो भाइयों में बड़ा था और घर परिवार को संभालने की जिम्मेदारी भी उस पर थी। खून की कमी और कमजोरी होने के चलते वह अक्सर बीमार बना रहता था, इसलिए परिजनों के बार-बार कहने पर वह अकेला ही झांसी जाने के लिए शुक्रवार को मड़ावरा से रोजवेज बस में सवार हो गया। लेकिन उसे इसका क्या अंदाजा था कि वह झांसी उपचार कराने के लिए जिस बस में सवार हुआ है, वह बस उसके लिए मौत का सफर बनने जा रही है। उम्मेदी के 12 वर्ष और आठ वर्ष के दो बेटे हैं। अब पिता का साया उठने से बेटों के सामने आर्थिक संकट भी छा गया है। उम्मेदी के पिता के नाम चार एकड़ जमीन है, जिससे उसके हिस्से में मात्र दो एकड़ जमीन ही बैठेगी।
यातायात माह में हुए तीन बड़े बस हादसे
यातायात माह के दौरान भी तेज रफ्तार बसों पर विभाग का नियंत्रण नहीं है। बीते 18 नवंबर को गोविंद सागर बांध तिराहा के पास भी दो तेज रफ्तार बसों की आमने-सामने टक्कर हो गई थी। जिसमें कई सवारियां घायल हो गई थीं। जबकि उसी दिन ग्राम नदनवारा के पास एक खड़ी बस में पीछे से आ रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी थी। इन दोनों दुर्घटनाओं में 17 सवारियां घायल हुई थीं। अब शुक्रवार को मड़ावरा क्षेत्र में तेज रफ्तार बस के पलटने से एक की मौत हो गई और 19 लोग घायल हुए हैं।
बस पलटने से मृत हुए व्यक्ति के संबंध में लेखपाल से जांच कराई जाएगी, उसकी आय और आर्थिक स्थिति के आधार पर मदद दी जाएगी।
-संजय कुमार पांडेय, उपजिलाधिकारी मड़ावरा।