कोर्ट ने 12 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया, एक अभियुक्त को आर्म्स एक्ट में अलग सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। दस वर्ष पुराने फायरिंग मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) विकास कुमार द्वितीय की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत अलग से सजा दी गई है।
मामला कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी के सामने हवाई पट्टी का है। यहां निवासी फूलबाई ने 15 जुलाई 2016 को तहरीर देकर बताया था कि रामनगर निवासी राघवेंद्र, नररू पंथ और राहुल उर्फ धुंधा उनसे रंजिश रखते थे और परिवार को परेशान कर रहे थे।
आरोप है कि 15 जुलाई 2016 की सुबह करीब साढ़े तीन बजे तीनों आरोपी एक राय होकर घर में घुसने लगे। आहट मिलने पर फूलबाई के पति केशव दरवाजे पर पहुंचे, तभी आरोपियों में से किसी ने तमंचे से गोली चला दी। गोली केशव की कमर के नीचे लगी। शोर सुनकर परिजन पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो गए। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला विचाराधीन था।
बृहस्पतिवार को सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने राघवेंद्र और राहुल उर्फ धुंधा को हत्या के प्रयास का दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने राहुल उर्फ धुंधा को आर्म्स एक्ट में भी दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया के अनुसार, अभियुक्त राहुल पिछले सात वर्षों से जेल में निरुद्ध है, जिसकी अवधि सजा में समायोजित की जाएगी।