ललिपतुर। आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक समेत आठ अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं।यह स्थिति छह माह से है। प्रतिदिन 320 से 400 मरीज उदास होकर वापस हो रहे हैं।
जिले में 32 आयुर्वेद व 24 होम्योपैथिक और दो यूनानी पद्धति के अस्पताल हैं, इनमें चिकित्सक व फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों के पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में चार आयुर्वेद व तीन होम्योपैथिक और एक यूनानी अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। फार्मासिस्टों द्वारा उपचार करने पर रोक लगने के छह माह बाद भी चिकित्सक नहीं मिल पाए हैं।
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अटैचमेंट के सहारे चल रहे अस्पताल : आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक अस्पताल में उपचार की सुविधा देने के लिए सप्ताह में तीन-तीन दिन के लिए चिकित्सकों को अटैच किया गया है। ये चिकित्सक तीन दिन मूल तैनाती स्थल पर सेवाएं दे रहे हैं तो तीन दिन अटैचमेंट वाले अस्पताल में। अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सकों की कमी पूरा करने के लिए पास के ही अस्पताल के चिकित्सक को अटैच किया है।
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आयुर्वेदिक अस्पतालों में 33 चिकित्सक के सापेक्ष 29 कार्यरत हैं। वहीं, यूनानी में दो के सापेक्ष एक है। इस तरह से पांच चिकित्सकों की कमी है।
-डॉ. अर्जुनलाल अहिरवार, जिला आयुर्वेद व यूनानी अधिकारी
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24 होम्योपैथिक अस्पतालों के मुकाबले 21 चिकित्सक हैं। तीन चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। अटैचमेंट के सहारे काम चल रहा है।
- डॉ. रामसबद यादव, जिला होम्योपैथिक अधिकारी