ललितपुर। गोविंदनगर बांध कॉलोनी स्थित सर्वेश्वर धाम पर चल रही श्रीराम कथा में जगतगुरु कृष्णागिरि महाराज ने कहा कि सीता की रक्षा के लिए गिद्धराज जटायु ने रावण से युद्ध कर बचाने की कोशिश की, लेकिन अहंकारी रावण ने उनके पर काटकर जख्मी कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की गोद में जटायू ने प्राण त्याग दिए तो प्रभु राम ने उनका अंतिम संस्कार किया।
कथा व्यास कृष्णागिरि महाराज ने नवधा भक्ति पर कहा कि सीता खोज के दौरान शबरी ने जब प्रभु राम को देखा तो उन्हें रोक लिया और कटोरे में बेर लेकर आईं, जिन्हें प्रभु को खिलाने से पहले खुद चख रही थी, जो बेर खट्टे थे उसे फेंक देती और मीठे बेर को प्रभु को खाने के लिए दे रही थीं। प्रभु श्रीराम उसकी आस्था को देखते हुए बेर खाते रहे। उन्होंने कहा कि श्रद्धाभाव से किया गया जप, सत्संग सहित नौ तरह से भगवान का स्मरण करने से प्राणी का कल्याण हो जाता है। इस मौके पर कौशल किशोर गोस्वामी, पुनीत नगाइच, वीरेंद्र सोनू, ऋतु समाधिया, प्रियंका राजपूत, चेष्टा श्रीवास्तव, मंजू तिवारी, चंद्रा पांडेय, अनीता गोस्वामी, मुन्नी सिरोठिया, लता नामदेव, शीला गोस्वामी आदि मौजूद रहे।