ललितपुर। बजाज फाइनेंस धोखाधड़ी मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक से आरोपी महिला की सूर्याेदय से पहले गिरफ्तारी को लेकर सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
नेहरूनगर निवासी सोफिया ने 16 सितंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसकी मां राशिदा बानो और भाई सानू उर्फ राशिद खां को काेतवाली पुलिस 14 सितंबर को दोपहर में हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें न तो गिरफ्तार होना बताया और न ही किसी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।पूछताछ के नाम पर उसके भाई व मां के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कोतवाली पुलिस से सीसीटीवी फुटेज तलब करने की मांग की थी। न्यायालय ने 19 सितंबर को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक से आख्या मांगी थी। आख्या न देने पर सीजेएम ने नोटिस जारी कर 24 सितंबर को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। 24 सितंबर को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी सीजेएम न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए और अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। न्यायालय ने उक्त मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया। अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि शंकर गुप्ता की अदालत ने कहा है कि उक्त प्रकरण में जो सीसीटीवी फुटेज मांगी थी, अभी तक प्रस्तुत नहीं की गई है, यह बेहद आपत्तिजनक है। साथ ही यह भी स्पष्ट करें कि किन कारणों से इस मामले में आरोपी रसीदा की गिरफ्तारी सुबह चार बजे सूर्याेदय से पूर्व की गई।