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Lalitpur News: महिला आयोग की सदस्य से प्रसूता की सास बोली... प्रसव के नाम पर देने पड़े छह हजार

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संवाद न्यूज एजेंसी



ललितपुर। मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को निरीक्षण करने महिला आयोग की सदस्य अर्चना पटेल पहुंचीं। यहां प्रसूता की सास ने प्रसव के नाम पर छह हजार रुपये लेने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। आयोग की सदस्य ने सीएमएस डॉ. मीनाक्षी सिंह से महिला के पैसे वापस दिलाए जाने और दोषी चिकित्सक और कर्मचारी पर कार्रवाई करने के लिए कहा। इसके साथ ही शिकायत करने वाली महिला को भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर फूलमाला पहनाकर सम्मानित भी किया।

महिला आयोग की सदस्य अर्चना पटेल बृहस्पतिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल पहुंचीं। यहां सबसे पहले वह सर्जिकल वार्ड में पहुंचीं। प्रसूताओं से उपचार की जानकारी ली। साथ ही तीमारदारों से सुविधाओं का हाल जाना। यहीं पर गांव बरखिरिया की सुशीला कुशवाहा के आरोप लगाए जाने पर अधिकारी और कर्मचारी असहज हो गए। आयोग की सदस्य ने महिला ने से कहाकि आपने हिम्मतवाला कार्य किया है। इसके बाद वह इमरजेंसी पहुंचीं, रजिस्टर देखा।
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महिला बोली... कह तो दिया, डर है बहू को कुछ कर न दें



सुशीला कुशवाहा ने बताया कि बहू को दो दिन पहले प्रसव के लिए लाया गया है। चिकित्सक ने कई कमियां बताते हुए डरा दिया। फिर छह हजार रुपये की मांग की गई। सुशीला का कहना है कि प्रसव में कोई परेशानी न हो इसलिए पैसे दे दिए गए। उन्होंने कहा कि जब महिला आयोग की सदस्य के आने के बारे में पता चला तो मैंने डरते पैसों की शिकायत की। उन्होंने कहा कि अब कह तो दिया है, लेकिन डर है कि बहू को कुछ कर न दें। इस पर आयोग की सदस्य ने अपना मोबाइल नंबर देते हुए भरोसा दिलाया कि कुछ नहीं होगा।
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सीएमएस बोलीं... चले गए अधिकारी और कर्मचारी

आयोग की सदस्य ने जब महिला से डॉक्टर और कर्मचारी की पहचान के बारे में पूछा तो महिला ने कहा - हां, पहचान लेंगे। इस पर सीएमएस को बुलाया गया। सीएमएस ने बताया कि आठ बजे से दो बजे का स्टॉफ था, जो अब चला गया है। जबकि उस वक्त 1:45 मिनट ही समय हुआ था।






प्रसूता की सास ने प्रसव के नाम पर छह हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। मामले की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।



- डॉ. मीनाक्षी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज

वर्जन

ग्राम बरखिरिया की महिला से प्रसव के नाम पर छह हजार रुपये लिए गए हैं। सीएमएस से जांच के लिए कहा गया है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



- अर्चना पटेल, सदस्य, महिला आयोग
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