ललितपुर। बुधवार की रात से आसमान में छाए बादलों के साथ ही सर्द हवाएं चलने से ठंड का प्रकोप फिर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने एक बार फिर बारिश होने की संभावना जताई है। इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर फिर बारिश के साथ ओले गिरे तो बचीखुची फसलें भी खराब हो जाएंगी। दिनभर ठंडी हवा चलती रही। इसके साथ ही रात में कोहरा भी छाया रहा। पिछले दिनों तेज धूप निकलने की वजह से लोगों ने गर्म कपड़े रख दिए थे लेकिन उनको फिर से निकालने पड़े।
किसानों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोहरे के साथ बूंदाबांदी हुई है। उसका असर यहां पर भी दिख रहा है। यहां पर भी बादल छा रहे हैं। इसके साथ ही शीतलहर भी चल रही है। जिस तरह से पिछले दिनों तेज धूप हुई थी उससे अब बारिश की भी संभावना अधिक है। बारिश से दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचेगा।
बीते लगभग एक सप्ताह से तेज धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली थी। दिन में चिलचिलाती धूप से लोगों गर्म कपड़ों में गर्मी का अहसास होने लगा था। वहीं सुबह-शाम और रात में पड़ रही सर्दी से फसलों को अधिक फायदा हो रहा है। इससे फसलों में रोग व कीट लगने का खतरा भी कम था लेकिन बुधवार रात से आसमान में बादल छाए रहने के साथ चल रहीं सर्द हवाओं से सर्दी अधिक हो गई है। बृहस्पतिवार को सर्द हवाओं ने सर्दी का अहसास करा दिया। गर्म कपड़े पहनने के बाद ही लोग घर से निकल सके।
मौसम में हुए बदलाव के साथ आसमान में छाए बादलों से किसानों को फसलों की चिंता सताने लगी है। बादलों के साथ बारिश होने से फसल प्रभावित होने का भय बना हुआ है। मटर की फसल में कुछ में फलियां पक रहीं हैं तो कुछ में फूल लगे हुए हैं। ऐसे में बारिश होने पर पकने वाली फलियों के सड़ने व चना सहित अन्य फसलों के फूल झड़ जाएंगे। सरसों की फसल भी प्रभावित होने से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि पूरे दिन में बारिश नहीं होने से राहत रही है। पिछले महीने बारिश होने और गिरने से फसलें खराब हो गई थीं। उसका सर्वे कराकर अभी तक मुआवजा तक नहीं दिया गया है।
रबी की दलहनी फसलों में फूल लग रहे हैं। ऐसे में बारिश होने से फसलें पूरी तरह से प्रभावित हो जाएंगी। सीताराम कुशवाहा
खेतों में मटर की फसल बोई है, जिसमें अभी फूल लग रहे हैं। ऐसे में बादल होने से बारिश की चिंता सता रही है।- गनेश
तीन एकड़ की जमीन में चना की खेती की है। अभी फसल पूरी तरह से फूल पर है। बादल हो गए हैं, ऐसे में बारिश का भय है। चंद्ररी
अभी फसलों के हिसाब से मौसम सही है। बारिश की कोई जरूरत नहीं है। बारिश होती है तो नुकसान होने का खतरा है।- जानकी
मौसम में आए परिवर्तन से सर्दी बढ़ गई है, जो गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है, पर दलहनी फसलों में पाला पड़ने व बारिश होने से नुकसान पहुंच सकता है। डॉ. नितिन यादव, कृषि वैज्ञानिक
वर्तमान में मौसम फसलों के लिए अनुकूल है। बादल छाए हैं, ऐसे में बारिश होने से दलहनी फसलें प्रभावित होने का खतरा है। हालांकि बारिश न होने से राहत है। राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी