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सत्ताधारी नेता के आगे प्रशासन नाकाम

Thu, 25 Feb 2016 12:58 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। शहर के बीचोबीच मुहल्ला आजादपुरा में नाले पर अवैध तरीके से मकान का निर्माण कराया जा रहा है। यह निर्माण स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। लेकिन, एक सत्ताधारी नेता की हनक के आगे नगर पालिका, नियत प्राधिकरण और सिंचाई विभाग नाकाम साबित हो रहा है।
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नगर के वार्ड नंबर 16 में स्थित भरतपुरा हाउस के पास गोविंद सागर बांध से निकली नहर के किनारे नगर पालिका के नाले पर मकान का निर्माण कराया जा रहा है। नाला वर्षों पुराना है। नाले के अलावा जिस जमीन पर मकान का निर्माण कराया जा रहा है, वह सिंचाई विभाग की जमीन है।

हैरत की बात यह है कि यह निर्माण पिछले करीब एक साल से चल रहा है, लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जिस नाले पर निर्माण किया जा रहा है, उसमें पानी की निकासी के लिए साइफन लगा हुआ है। जो बरसात में नाली के पानी को खींचकर नाले तक पहुंचाता है।
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साइफन व नाले पर अवैध निर्माण होने के कारण दोनों पूरी तरह से चौक हो गए हैं और मुहल्लेवासियों के लिए जलभराव की बहुत बड़ी समस्या बन गई है।

करीब दो हजार मकानों के पानी की निकासी के लिए यह इकलौता नाला है। बरसात के समय यहां पर चार फुट तक पानी भर जाता है। प्रशासन के लिए यह बड़ी शर्मिंदगी वाली बात है कि कोई भी अधिकारी इस अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

प्रशासन पर भारी पड़ रहा अवैध निर्माण
यह निर्माण नगर पालिका के वर्षों पुराने नाले पर किया जा रहा है। इतना ही नहीं नाले के आगे की सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। जिस जगह पर निर्माण किया जा रहा है, वहां नहर की मध्य सीमा से 37 फुट जमीन सिंचाई विभाग की है। लेकिन, भवन स्वामी ने सार्वजनिक नाले के साथ ही सिंचाई विभाग की जमीन पर भी अतिक्रमण कर लिया है। नहर के मध्य सीमा से 15-20 फुट जमीन ही शेष बची होगी।

बाकी पर अतिक्रमण कर निर्माण कर लिया गया है। मकान निर्माण के लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया है। राजघाट निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एके सिंह का कहना है कि विभाग द्वारा मानचित्र स्वीकृति के लिए कोई एनओसी जारी नहीं की गई है। सिंचाई विभाग व नगर पालिका की एनओसी के बिना मानचित्र स्वीकृत नहीं किया जा सकता है।

पुलिस ने नहीं किया मामला दर्ज
मुहल्ला आजादपुरा स्थित गोविंद सागर बांध की नहर के बायीं ओर सिंचाई विभाग की जमीन पर हो रहा यह अवैध निर्माण विगत एक वर्ष से चल रहा है। 16 मई 2015 की दोपहर करीब 12 बजे जब राजघाट निर्माण खंड में तैनात सींच पर्यवेक्षक पुरुषोत्तम नारायण इस अवैध निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए गए तो सत्ताधारी नेता ने सरकारी कर्मी से ड्यूटी के दौरान अभद्रता की थी और मारने पर अमादा हो गया था।

उसी दिन सींच पर्यवेक्षक ने कोतवाल पुलिस को मुहल्ला नदीपुरा निवासी उक्त सत्ताधारी नेता के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी। उन्होंने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अवैध निर्माण को रुकवाने की मांग की थी। साथ ही पीड़ित ने घटना की जानकारी विभागीय अधिकारियों, नगर पालिका और जिलाधिकारी को भी दी थी। लेकिन, कोतवाली पुलिस व अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई और अवैध निर्माण कार्य जारी है।

गलत कार्य में किसी भी सत्ताधारी का दबाव नहीं चलेगा और बीच शहर में अवैधानिक तरीके से हो रहा निर्माण गंभीर मामला है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, नियत प्राधिकारी व राजघाट निर्माणखंड के अधिशासी अभियंता को बुलाकर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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- डा. रुपेश कुमार
जिलाधिकरी
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