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ज्ञान, भक्ति और क्रिया से होती भगवत प्राप्ति

Thu, 25 Feb 2016 12:51 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
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ललितपुर। श्री तुवन मंदिर प्रांगण में श्रीराम कथा महोत्सव में श्री रामजन्म की कथा मलूकपीठाधीश्वर राजेंद्र दास देेवाचार्य ने सुनाई। उन्होंने कहा कि ज्ञान, भक्ति और क्रिया से भगवत प्राप्ति होती है।
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बुधवार को श्री रामकथा के दूसरे दिन उन्होंने कहा कि प्रभु जन्म के अनेक हेतु हैं, जिनका वर्णन श्री रामचरित मानस में किया है। हालांकि, अनेक कारण होते हुए भी प्रभु जन्म का एक ही प्रमुख हेतु है और वह है भक्तों के प्रेमवश अवतार लेना, प्रभु कृपा सिंधु है। उनकी करुणा सदैव भक्तों पर बरसती है। आदि पुरुष मनु औरर सतरुपा को दिए वरदान के प्रतिफल के रूप में प्रभु अयोध्या नरेेश दशरथ के यहां माता कौशल्या के पुत्र रूप में प्रकट हुए। ज्ञान, भक्ति एवं क्रिया स्वरुपा तीनों रानियों के कारण ही प्रभु अवतरित होते हैं। श्रीराम जगत के विश्राम स्वरूप हैं। इसलिए, दोपहर बाहर बजे अवतरित हुए। जोग, लगन, ग्रह, वार और तिथि सबकी अनुकूलता ही प्रभु जन्म के कारक हैं। पृथ्वी के भार का हरण गौ, ब्राह्मण, देवताओं और संतों के लिए प्रभु अवतरित हुए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के वास्तव में दो जन्म होते हैं, एक तो व्यक्ति का स्वभाविक जन्म होता है और दूसरा जब उसका संस्कार हो। संस्कार से ही शील, सदाचार, प्रेम, दया, करुणा यह सब आता है। मन से स्वस्थ्य होना ही स्वस्थता की पहचान है।

उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास कलियुग के वंदना के शीघ्र आचार्य हैं। उन्होंने एक महासूत्र दिया कि अपने आराध्य का दर्शन जगत में हो जाए तो जीवन से बैर- वैमनस्य स्वत: समाप्त हो जाएगा। यदि हम सब में प्रभु का दर्शन करें तो सबसे प्रेम व श्रद्धा हो जाएगी। श्रीरामचरित मानस का वंदना प्रकरण अद्भुत है। सबको प्रणाम करने की सनातन परंपरा व्यक्ति को सर्वप्रिय बना देती है। भगवान श्रीराम के चरित्र के पूर्व भूत-भावन भगवान शिव की कथा कही गई है। श्रद्धा एवं विश्वास एक-दूसरे के पूरक हैं।
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बुधवार की कथा में श्रीरामजन्मोत्सव पर बधाई गीत पर श्रोता आनंदित होते रहे। इस दौरान हरिमोहन चौरसिया, अजय पटैरिया, डब्बू शर्मा, सोनू पाठक, धर्मेंद्र रावत, अशोक गोस्वामी, प्रभात दीक्षित, प्रदीप गुप्ता, शरद खैरा, संतोष शर्मा, आदित्य नारायण पुरोहित, रमाकांत तिवारी, अभिषेक चौबे आदि का सहयोग रहा।  मुख्य यजमान नगरपालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, रामेश्वर सड़ैया, रामगोपाल साहू, जुगल किशोर रावत, डा.ओमप्रकाश शास्त्री, राजेंद्र दीक्षित, नरेश शेखावत, अनंतराम तिवारी, राव राजा, संतोष सोनी, मनमोहन जड़िया,   काशीराम साहू, रामगोपाल नामदेव, रवींद्र पाठक, संजय तिवारी, सीता राम सोनी,   नीरज शर्मा आदि ने श्री रामायण की आरती उतारी।

नवाह पाठ संपन्न
ललितपुर। श्री लक्ष्मी नृसिंह मंदिर में श्रीरामचरित मानस नवाह पारायण संतों द्वारा संपन्न कराया गया। बुधवार की सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आचार्य गिरधर गोपाल शास्त्री वृंदावन ने नवाह पारायण पाठ किया। इसमें अयोध्या, वृंदावन एवं चित्रकूट से आए संत शामिल हुए। इस मौके पर महंत मदनमोहन दास, महंत रामानंददास, महंत राधेश्याम, महंत बालकदास, महंत बलरामदास, महंत अनिरुद्धदास एवं अनेक संत उपस्थित रहे। महंत गंगादास महाराज ने संचालन किया।
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