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आरोपियों पर एफआईआर होने तक नहीं किया अंतिम संस्कार

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ललितपुर। लखनऊ में सीएम से मिलने के प्रयास में ललितपुर के युवक की मौत के मामले में परिजनों ने आरोपी ग्राम प्रधान समेत दस लोगों के खिलाफ एफआईआर नहीं होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। जानकारी मिलने पर पुलिस महकमे के पसीने छूट गए। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी ने एसपी को मामले से अवगत कराया और आनन फानन दोपहर में ग्राम प्रधान समेत दस आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
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थाना बानपुर क्षेत्र के ग्राम उदयपुरा निवासी राजकुमार पाल पुत्र अच्छेलाल पाल बीते एक माह पहले 11 मार्च को जब अपनी ही पैतृक जमीन पर परिवार के साथ निर्माण करने के लिए नींव खोद रहा था, तो ग्राम प्रधान रामरतन समेत दस लोगों ने निर्माण रोककर कब्जा करते हुए उसकी एवं उसके परिवारजनों के साथ जमकर मारपीट की थी। जिसकी थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई, जिस पर उसने एसपी से लेकर मंत्री तक फरियाद की, लेकिन जब कहीं सुनवाई नहीं हुई। चार दिन पहले वह लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंच गया। जहां अधिकारियों से उसने कब्जा व मारपीट की शिकायत भी की थी। लेकिन सीएम से मिलने के प्रयास में दीवार से गिरने के बाद घायल होने से उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन उसके शव को लेकर मंगलवार देर रात को गांव आ गए लेकिन परिजनों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। इसकी जानकारी लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सीओ सिटी फूलचंद मौके पर पहुंच गए और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। परिजन लगातार आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे। जिसके बाद सीओ ने उच्चाधिकारियों से बात की और दोपहर में ग्राम प्रधान समेत दस आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद उसकी कॉपी परिजनों को दी गई। जिसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
यह हुई एफआईआर दर्ज
थाना बानपुर के ग्राम उदयपुरा निवासी अच्छेलाल पाल ने थाना बानपुर पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बीते माह 11 मार्च को सुबह आठ बजे वह अपनी पैतृक मकान के बंटवारे की जमीन पर नींव खोदकर मकान का निर्माण कर रहा था। इसी बीच गांव के रामरत्न, भगतराम, मनीबली, बदरी, कन्हैयालाल, हरकिशन, धीरेंद्र, रामस्वरूप, राजाराम और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ अंतर्गत थाना जतारा के ग्राम करमुहारा निवासी महेंद्र सिंह एक राय होकर लाठियां लेकर आए। महेंद्र कट्टा लिए था। कहने लगे कि काम बंद करो, यह जमीन उन्होंने खरीद ली है। जब उसने कहा कि यह उनकी पैतृक जमीन है, तो इसी बात पर सभी ने घर में घुसकर उसे व उसके परिवारजनों के साथ मारपीट की। जिससे उसके बेटे मेघराज, राजकुमार एवं पत्नी भुवनन को चोटें आईं। उसने परिवार पर जानलेवा हमले की शिकायत एसपी से भी की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस वजह से उसका बेटा राजकुमार लखनऊ कार्रवाई कराने के लिए शिकायत करने चला गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। मृतक के पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने ग्राम प्रधान रामरत्न समेत सभी दस आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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