ललितपुर। शहर के साथ- साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ती जा रहीं हैं। प्रतिदिन पूरे जिले में दो दर्जन लोगों को कुत्ते काटने की घटनाएं हो रही हैं। जबकि, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिमाह एक दर्जन लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सीएचसी व पीएचसी पर एक माह में 178 लोगों को रैबीज के इंजेक्शन लगाए गए। इसमें सर्वाधिक घटनाएं तालबहेट ब्लाक में हो रही हैं।
शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुत्तों के काटने की घटनाएं थम नहीं रही हैं। ऐसे में लोगों में कुत्तों को लेकर डर का माहौल पनपने लगा है। लोग कुत्तों को देखकर अपने रास्ते में परिवर्तन कर लेते हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट में नवंबर माह की अपेक्षा चालीस फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। यह ब्लॉक जिले में सबसे अधिक कुत्तों के काटने के मरीजों वाला बन गया है। साथ ही महरौनी में भी मरीजों की संख्या अधिक है। इसी तरह से बार व जखौरा में दोगुने मरीज बढ़ गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे कुत्तों के आतंक का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस समय कुत्तों के बच्चे होते हैं और उन उनके पास किसी को भी आता देखकर वह काट लेते हैं। वहीं कुछ लोगों को बच्चों को उठाने पर काट लेते हैं। कुछ कुत्ते पागल हो जाते हैं, जो काटते रहते हैं। पागल होने वाले कुत्तों के मुंह से लार निकलती है, यह कुत्ते किसी को काट लेते हैं, तो अधिक घातक हो जाते हैं।
यह है ब्लॉकवार जनवरी की स्थिति
ब्लॉक - संख्या
तालबेहट- 69
महरौनी - 41
बार - 20
जखौरा - 25
बिरधा - 08
मड़ावरा - 14
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सभी सीएचसी और पीएचसी पर पर्याप्त मात्रा में रैबीज के इंजेक्शन हैं। मरीजों केे आने पर क्रमानुसार इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। मरीजों का डाटा भी बनाया जा रहा है।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ।