- शासन की मंजूरी मिलने पर देश का पहला होगा संरक्षण केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद के जंगलों में जैव विविधता को देखते हुए वन विभाग ने भालू रिजर्व फॉरेस्ट का प्रस्ताव तैयार किया है। जिसको शासनस्तर पर भेजा है। इसमें मड़ावरा वन क्षेत्र स्थित रीछ पहाड़ी को संरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा वहां पर अन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे।
जिले के मड़ावरा वन रेंज में देश का पहला रीछ भालू संरक्षण केंद्र बनाने के लिए वन विभाग ने मुख्यालय प्रस्ताव भेजा है। इस क्षेत्र में स्थित रीछना पहाड़ी के आसपास के इलाके में भालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। विभागीय अफसरों का कहना है कि मड़ावरा वन रेंज के 8522 हेक्टेयर क्षेत्रफल में घना जंगल है। जंगल में पिछले सात सालों में भालुओं की संख्या तीन सौ के आसपास हो गई है। वन क्षेत्र की रीछना पहाड़ी क्षेत्र के आसपास भालुओं के लिए वातावरण अनुकूल है। विभागीय योजना के अनुसार मड़ावरा वन रेंज के ग्राम सोलदा, लखंजर, पापड़ा, धौरी सागर, कोथरा के अलावा अन्य क्षेत्र में वातावरण भालुओं के लिए ठीक है। वन विभाग की ओर से जंगल क्षेत्र में भालुओं की निगरानी के लिए वॉच टावर बनाए जाएंगे और जंगल के चारों तरफ फेंसिंग की जाएगी। भालुओं को पानी पीने के लिए जंगल में व्यवस्था की जाएगी।
रीछ के अलावा अन्य जीव भी हैं वन क्षेत्र में
हाल ही में मड़ावरा के जंगलों में बाघ को देखा गया है, इसके साथ ही तेंदुआ, लकड़बग्घा, हिरन, बारहसिंघा, जंगली सूअर, चीतल आदि जानवर यहां पर वितरण करते हैं।
मड़ावरा वन क्षेत्र में रीछ-भालुओं के लिए वातावरण उनके अनुकूल है। इसके चलते वहां पर देश का पहला रीछ भालू संरक्षण केंद्र बनाने की योजना बनाई गई है। जिसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। -गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी