ललितपुर। कोरोना के लक्षण खोजने के लिए चलाया गया अभियान कारगर साबित नहीं हो सका है। अभियान के दौरान 10 दिन में 2,954 लोगों के स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लिए। वहीं, सर्वे टीम के 94 मरीजों को कोरोना संदिग्ध चिह्नित किया है, जबकि मरीजों का आंकड़ा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। इससे अभियान की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
शासन के निर्देश पर लोगों में कोरोना लक्षण खोजने के लिए कोवेट-10 अभियान चलाया गया। दस दिन तक चले इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग ने आशा बहुओं व आंगनबाड़ी की टीम का गठन किया और प्रत्येक टीम को एक दिन में 30 घरों का सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान टीमों को परिवार के प्रत्येक सदस्य की स्वास्थ्य कुंडली खंगालनी थी। किसी प्रकार बीमारी के लक्षण पाए जाने पर चिह्नित किया जाना था। इस दौरान विशेषकर उन लोगों को चिह्नित किया जाना था, जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। व्यक्तियों में कोरोना के लक्षण भी खोजने थे। इसमें बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं से ग्रसित लोगों को चिह्नित किया जाना था। स्वास्थ्य विभाग की टीमों सभी छह ब्लॉक और ललितपुर के 2,43,275 घरों में सर्वे किया। इसमें 12 लाख लोगों में कोरोना के लक्षण खोजे। इस दौरान केवल 2,954 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण मिले। जबकि, कोरोना के संक्रमित मरीजों की संख्या जिले में बढ़कर 178 तक पहुंच गई है। इससे साफ है कि घर-घर स्वास्थ्य टीम द्वारा किए गए सर्वे से कोई लाभ नहीं पहुंचा है।
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सर्वे के दौरान केवल 94 लोगों में ही लक्षण पाए गए हैं, जिनका सैंपल कराया गया है।
- डॉ. हुसैन खान, नोडल अधिकारी