- चिकित्सकों ने सावधानी को ही बताया बचाव
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में अचानक बढ़े तापमान ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। बीते कुछ दिनों में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण अस्पतालों में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उल्टी, चक्कर, कमजोरी और बेहोशी जैसे लक्षणों के साथ मरीज पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार दिन का तापमान तेजी से बढ़ने और शरीर में पर्याप्त पानी की कमी होने से यह समस्या सामने आ रही है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले मजदूर इसकी चपेट में अधिक आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पिछले एक सप्ताह में डिहाइड्रेशन और हीट संबंधित समस्याओं के मरीजों की संख्या में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई मरीजों को गंभीर स्थिति में भर्ती भी करना पड़ा। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पवन सूद का कहना है कि शरीर में पानी की कमी होने पर तुरंत सावधानी बरतनी जरूरी है। समय पर उपचार न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि गर्मी को हल्के में न लें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। थोड़ी सी सावधानी से डिहाइड्रेशन और हीटवेव के खतरे से बचा जा सकता है।
-
हीटवेव से बचाव के उपाय
-दिन में 11 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें
-पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ व ओआरएस का सेवन करें
-हल्के और सूती कपड़े पहनें
-सिर को ढककर बाहर निकलें
-ज्यादा पसीना आने पर नमक-चीनी का घोल लें
डिहाइड्रेशन के लक्षण
-तेज प्यास लगना
-चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना
-मुंह और त्वचा का सूखना
-पेशाब का कम होना या गहरा रंग