तालबेहट। लगभग दो वर्ष से बंद पड़े उप कोषागार में उपनिबंधक कार्यालय का काम बुधवार को ही रस्मी तौर पर संचालित हुआ। बृहस्पतिवार को उपकोषागार के मुख्य द्वार पर ताला लटका रहा। इस पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी व्यक्त की।
बताते चलें कि तहसील में इस समय ग्राम न्यायालय संचालित हो रहा है। अधिवक्ताओं की मांग पर शासन द्वारा तहसील में जूनियर और सीनियर सिविल न्यायालयों का संचालन शुरू होना है। जिसके लिए अस्थाई तौर पर न्यायालय संचालित करने के लिए भवन की आवश्यकता है। न्यायालय संचालन के लिए भवन देखने बुधवार को एडीजे नीतू यादव (एससी-एसटी एक्ट) के आने का कार्यक्रम था। इसकी जानकारी मिलते ही उपनिबंधक ने काफी दिनों से बंद पड़े उपकोषागार का ताला खुलवाकर एक मेज और उस पर लैपटॉप रखकर अपने कार्यालय का काम शुरू कर दिया था और इस भवन में ही उपनिबंधन का कार्य शुरू करने की बात कही थी। लेकिन बृहस्पतिवार को जब अधिवक्ता सुबह अपने बैनामा पंजीकृत कराने उक्त उपकोषागार पहुंचे तो वहां के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। जिस पर अधिवक्ताओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। अधिवक्ताओं का आरोप है कि बुधवार को उपनिबंधक द्वारा अधिकारियों को मात्र यह दिखाने के लिए कि उपनिबंधक कार्यालय उपकोषागार में संचालित हो रहा है रस्म अदायगी की गई।