ललितपुर। कोरोना काल में लंबे समय से बंद चल रहे प्राइमरी स्कूलों में कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थी आज से स्कूल जाएंगे, जहां उनकी पढ़ाई शुरू हो सकेगी, लेकिन अभी भी बच्चों में कोरोना के खतरे को देखते हुए शासन की गाइडलाइन के तहत विद्यालयों में पचास प्रतिशत संख्या के साथ ही बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा।
कोरोना काल के चलते परिषदीय स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य लंबे समय से बंद चल रहा है। बीते वर्ष में कोरोना की पहली लहर में परिषदीय स्कूलों को मार्च माह में बंद कर दिया गया था। इसके बाद कोरोना का प्रकोप कम होने पर 11 माह बाद फरवरी में विद्यालय खोले गए थे, लेकिन फिर से कोरोना संक्रमण बढ़ने पर इस वर्ष भी मार्च माह में ही परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए थे। तबसे अब तक विद्यालय बंद चल रहे थे। हालांकि जुलाई से विद्यालय खोलकर शिक्षकों से कार्य लिया जा रहा था। लेकिन अब शासन की गाइडलाइन के अनुसार बीते 24 अगस्त से कक्षा एक से पांचवीं तक के सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए पठन पाठन का कार्य शुरू कर दिया गया है।
वहीं अब आज एक सितंबर से प्राइमरी स्कूलों में कक्षा एक से पांचवीं तक के सभी विद्यालयों में फिर से पठन पाठन का कार्य शुरू होगा और इसके लिए आज से बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल जाएंगे। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों में विद्यार्थियों के पहुंचने से पूर्व तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। स्कूलों में पुस्तकें उपलब्ध कराने, विद्यार्थियों के बैठने, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था कर ली गई है। आज से 863 विद्यालयों को विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए खोला जाएगा। इन 863 विद्यालयों में विद्यार्थियों की कुल संख्या एक लाख 16 हजार 663 विद्यार्थी हैं, जो स्कूल प्रशासन की व्यवस्था के अनुसार पचास प्रतिशत उपस्थित के साथ विद्यालयों में पढ़ाई को पहुंचेंगे, बाकी पचास प्रतिशत विद्यार्थियों को दूसरे दिन या दूसरी पाली में पढ़ाई कराई जाएगी।
स्वास्थ्य परीक्षण की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों की होगी
विद्यालय में प्रवेश के दौरान हाथ धुलाई, सैनिटाइजर और मास्क आदि का भी पालन कराया जाएगा। हालांकि शासन के निर्देश के अनुसार विद्यालयों में विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए उनके अभिभावकों की अनुमति लेनी होगी। वहीं विद्यालयों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों की रहेगी। विद्यालयों में विद्यार्थियों को दो गज की दूरी के साथ ही मास्क भी लगाना होगा।
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एक सितंबर से कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यालयों में विद्यार्थियों के पठन पाठन का कार्य शुरू किया जाएगा। सभी विद्यालयों में पचास प्रतिशत उपस्थिति के साथ ही विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। विद्यालयों में साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा। -रामप्रवेश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।