संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बहुराज्यीय एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले के मुख्य आरोपी और वांछित अभियुक्त समीर अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कानपुर जोन ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी कर रहा है।
पुलिस के अनुसार, एलयूसीसी चिटफंड कंपनी के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में वर्ष 2024 से अब तक दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने जनपद स्तरीय एसआईटी गठित की थी। एसआईटी कंपनी के कई संचालकों समेत 35 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें से कुछ आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं।
वहीं, कंपनी का मुख्य संचालक समीर अग्रवाल अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छह गैरजमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। पुलिस पहले ही उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर चुकी है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी है, जबकि रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस के अनुसार, एलयूसीसी कंपनी पर जिले में करीब 256 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। वहीं, देशभर में करीब 30 लाख लोगों से लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये का निवेश कराकर धन हड़पने के आरोपों की जांच ईडी कर रही है। इस संबंध में ईडी ने जनपद पुलिस से केस से जुड़ी पत्रावलियां तलब की थीं, जिन्हें उपलब्ध करा दिया गया था। करीब 20 दिन पहले ईडी की टीम जनपद पहुंचकर जांच भी कर चुकी है।
पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि एलयूसीसी चिटफंड कंपनी के माध्यम से आम लोगों को निवेश का प्रलोभन देकर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र के तहत धोखाधड़ी करने के मामले में कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। उन्होंने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल, चेयरमैन, सागा ग्रुप, मूल निवासी मुंबई तथा वर्तमान में दुबई में रह रहा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए एडीजी कानपुर जोन ने एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की है।