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सेवानिवृत्त शिक्षक सुसाइड : पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की उच्च स्तरीय जांच की मांग

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अमर उजाला ब्यूरो
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ललितपुर। सेवानिवृत्त शिक्षक राजाराम गोस्वामी आत्महत्या प्रकरण में अब महरौनी के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री पूरन सिंह बुंदेला भी सामने आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में पूरन सिंह बुंदेला ने वर्ष 2002 के उस चर्चित प्रकरण का उल्लेख किया है, जिसमें राजाराम गोस्वामी के साथ कथित अन्याय का मामला सामने आया था। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर वह थाना बार पहुंचे थे, जहां राजाराम गोस्वामी अंत:वस्त्रों में खड़े मिले थे। इसके विरोध में उन्होंने छह दिन तक आमरण अनशन किया था। इसके बाद शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया था।
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पूर्व मंत्री ने पत्र में कहा कि 24 वर्ष बाद राजाराम गोस्वामी की मौत को केवल आत्महत्या के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन परिस्थितियों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिनके बीच एक शिक्षक ने पूरा जीवन न्याय की प्रतीक्षा में बिताया। उन्होंने कहा कि मृतक ने अपने पुत्र को तीन पृष्ठ का हस्तलिखित सुसाइड नोट सौंपा था और मृत्यु के बाद इसे पुलिस को सौंपने के निर्देश दिए थे। यह सुसाइड नोट पूरे मामले का महत्वपूर्ण साक्ष्य है, जिसकी वैज्ञानिक और फॉरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए।
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पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2002 के प्रकरण को वापस लेने के लिए राजाराम गोस्वामी पर दबाव बनाए जाने की बात भी सामने आई थी। ऐसे सभी तथ्यों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही आत्महत्या के दर्ज मुकदमे में नामजद आरोपियों की भूमिका की साक्ष्य आधारित जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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