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अभिभावकों की जेब के भरोसे चल रहा इंटर कालेज

Thu, 23 Jul 2015 12:38 AM IST
ललितपुर / ब्यूरो
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नगर पंचायत पाली का जिला परिषद इंटर कालेज अभिभावकों की जेब के भरोसे चल रहा है। लेकिन, शासन अथवा प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं है।
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नगर पंचायत पाली क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए कला संकाय का एक मात्र जिला परिषद इंटर कालेज है। इसमें लगभग 1500 छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। विद्यालय में पीटी अध्यापक समेत सात अध्यापक हैं। विद्यालय में छात्रों की संख्या के हिसाब से अध्यापकों की कमी है। इसलिए अध्यापक अभिभावक एसोसिएशन की ओर से छह अध्यापक और दो परिचारकों को तैनात किया गया है। इन शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन का इंतजाम अभिभावकों को अपनी जेब से करना पड़ता है। विद्यालय सत्र शुरू होते ही छात्रों से दो बार फीस ली जाती है। इसमें बच्चों को चार-चार सौ रुपये देने पड़ते हैं। ऐसे में बच्चों के अभिभावकों को वर्ष में आठ सौ रुपये चुकाने पड़ते हैं। लेकिन, इतना पैसा खर्च करने के बाद भी बच्चों को बेहतर बैठने की सुविधा मिल जाए तो बड़ी बात है, क्योंकि छात्रांकन विद्यालय की क्षमता से कहीं अधिक होने के कारण बच्चे कक्षाओं में बैठने के लिए काफी नूराकुश्ती करते हैं।
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दूसरी ओर, इस व्यवस्था से अभिभावक नाखुश हैं। उनका कहना है कि विद्यालय प्रशासन लाखों रुपये जमा कर लेता है, लेकिन विद्यालय की व्यवस्थाएं सुचारु नहीं हैं। उनका कहना है कि बिना जरूरत के बनाई गई पानी की टंकी पर काफी पैसा खर्च किया गया। दूसरी ओर, विद्यालय का शौचालय काफी खराब स्थिति में पहुंच गया है, फिर भी उस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एसोसिएशन का मानना है कि जिस मद में पैसा लिया जा रहा है, उस मद का हिसाब-किताब शिक्षा विभाग के जिम्मे होना चाहिए। एसोसिएशन द्वारा ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारी भी मानक पर खरे नहीं उतर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि विद्यालय को भेंट किया गया एक कंप्यूटर अब एक शिक्षक के घर पहुंच गया है। ऐसे में अभिभावकों ने प्रशासन का ध्यान इस विद्यालय की ओर आकृष्ट कराया है, ताकि व्यवस्थाओं में सुधार हो सके और अभिभावकों को राहत मिल सके।
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शासन को पत्र लिखकर विद्यालय में सुविधाएं देने के लिए लगातार मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं आया है।
- केएल चौधरी, प्रधानाचार्य
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