उप जिलाधिकारी सदर ने ब्लाक जखौरा के अनेक विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में न केवल दूध की मात्रा अपर्याप्त मिली, बल्कि दूध भी गुणवत्तापरक नहीं मिला। जिस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रधानाध्यापकों को मानक अनुसार दूध वितरित करने के निर्देश दिए।
एसडीएम सदर रमेशचंद्र ने पूर्वाह्न पूर्व माध्यमिक विद्यालय मैलवाराखुर्द का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय विद्यालय में प्रधानाध्यापक संतोष कुमार परमार, प्रशांत कुमार तिवारी, भावना सैनी उपस्थित पाए गए, जबकि सचिन कुमार सेन आकस्मिक अवकाश पर थे। प्रशिक्षु शिक्षक हरिश्चंद्र दुबे ब्लाक बिरधा में संबद्घ बताए गए। विद्यालय में नामांकित 119 के सापेक्ष 82 बच्चे उपस्थित थे। इन बच्चों को लगभग दस लीटर दूध मंगाया गया था, जबकि प्रति बच्चे को दो सौ मिलीलीटर दूध दिया जाना आवश्यक है। इस हिसाब से दूध अपर्याप्त मात्रा में पाया गया। इसी विद्यालय में ग्राम छर्र के प्राइमरी स्कूल के 36 बच्चों का भोजन तैयार किया जाता है। लेकिन, आज केवल 10 छात्रों को मिड-डे मील तैयार किया गया। प्राथमिक विद्यालय पनारी में दूध की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। यहां एक सौ सात बच्चों पर दस लीटर दूध मंगाया गया था। प्राथमिक विद्यालय रजवारा में आठ लीटर दूध मंगाया गया, जबकि प्रति बच्चे के हिसाब से दो सौ मिलीलीटर दूध दिया जाना था। यहां भी दूध की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय मैलवारा कलां में अनुदेशक सुनील कुमार गैर हाजिर मिले। बताया गया कि दस जुलाई को कार्यभार ग्रहण करने आए थे, उसके बाद से उनका अता- पता नहीं है। विद्यालय में बारह लीटर दूध मंगाया गया था, जबकि स्कूल में 154 बच्चे उपस्थित थे। यहां दूध की मात्रा अपर्याप्त होने के साथ गुणवत्ता भी ठीक नहीं पाई गई।
1,273 स्कूलों में हुआ दूध वितरण
जिले के 1,560 विद्यालयों में योजना संचालित हो रही है, जिसमें से 1,273 स्कूलों में दूध का वितरण किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह ने संकुल प्रभारियों के माध्यम से दूध वितरण की सूचना एकत्रित की है।