- वित्तीय वर्ष 2023-24 में जमा धनराशि 1.44 अरब से बढ़कर 2024-25 में पहुंची 4.13 अरब पर
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। चिटफंड कंपनियों के घोटालों और फ्रॉड को देखते हुए लोगों का एक बार फिर रुझान डाकघर की बचत योजनाओं की तरफ हुआ है। 2023-24 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2024-25 में तीन गुना धनराशि लोगों ने जमा की है। पिछले पांच सालों के रिकार्ड पर नजर डालें तो कई गुना बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे मूल कारण कुछ वर्षों में अधिक ब्याज के लालच में लोगों की जमा पूंजी लेकर भागने वाली कंपनियों की संख्या में बढ़ोतरी भी माना जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1.44 अरब रुपये जमा योजनाओं के तहत डाक खाने में जमा हुआ था। तो वहीं वर्ष 2024-25 में यह धनराशि बढ़कर 4.13 अरब रुपये हो गई। लोग अपने भविष्य को सुरक्षित करने के डाकघर को एक बार फिर उचित विकल्प मनाने लगे हैं। साथ ही ग्रामीण इलाकों में डाक विभाग की सक्रियता भी बढ़ गई है। डेबिट कार्ड से लेकर डाक व इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक को सुविधा भी अब डाक विभाग दे रहा है। बचत खातों में आरडी योजना के तहत लोग छोटी-छोटी राशि अपने डाक खाते में जमा करवाते हैंं। साथ पिछले वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा धनराशि डाकघर के बचत खातों में जमा होने में पूरे प्रदेश में जिले का पहला स्थान लगा हुआ है। बताते चलें कि जिले का लक्ष्य शासन से 71.58 करोड़ निर्धारित किया गया था, जबकि इसके सापेक्ष जनपद में 4.13 अरब रुपये जमा हुए थे।
डाक विभाग महिलाओं को देता है कमीशन
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उन्हें एजेंट नियुक्त करता है, साथ ही उन्हें विभाग की ओर से चार प्रतिशत कमीशन दिया जाता है।
डाकघर की यह है प्रमुख बचत योजनाएं
योजना का नाम- ब्याज दर
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना - 8.2 प्रतिशत
सुकन्या समृद्धि योजना - 8.2 प्रतिशत
पब्लिक प्रोविडेंट फंड स्कीम- 7.1 प्रतिशत
किसान विकास पत्र - 7.5 प्रतिशत
राष्ट्रीय बचत सर्टिफिकेट- 7.7 प्रतिशत
मासिक आय खाता - 7.4 प्रतिशत
आरडी स्कीम पांच बर्ष के लिए - 6.7 प्रतिशत
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डाकघर के बचत खातों व निवेश में किसी प्रकार का जोखिम नहीं है। यहां पर रुपया पूरी तरह सुरक्षित है। चिटफंड कंपनी अधिक ब्याज का लालच देकर उन्हें ठगने का कार्य करती हैं।
अनीता कुमारी।
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डाक घर की बचत योजनाओं में जमा पूंजी सुरक्षित रहती है। साथ ही छोटी-छोटी बचत योजनाओं से लोग अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए धनराशि एकत्रित कर सकते हैं। अधिक ब्याज के लालच में न आकर लोगों को डाकघर में अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित करना चाहिए, लोगों के विश्वास के कारण ही है, हम पूरे प्रदेश में नंबर एक पर पहुंच गए हैं।
विवेक चतुर्वेदी, जिला बचत अधिकारी