ललितपुर। शहर के वार्ड आजादपुरा प्रथम की लोहिया गली में जलभराव से संक्रामक बीमारियों के फैलने की संभावना बनी हुई है। हैरत की बात यह है कि जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों की शिकायत पर तत्कालीन डीएम अन्नावि दिनेश कुमार ने पालिका प्रशासन को दो बार पत्र लिखा, लेकिन पांच माह बाद भी जिम्मेदार जलभराव की निकासी नहीं कर सके।
वार्ड आजादपुरा प्रथम की अब हालत यह है कि लोग घर बेचकर जाने को मजबूर हैं, पर बदतर हालात को लेकर कोई इलाके में मकान खरीदने को तैयार नहीं है। रविवार को मौके पर जायजा लिया तो स्थानीय लोग परेशान नजर आए। बोले, अब तो रिश्तेदारों ने भी उनके यहां आना बंद कर दिया। वार्ड की समस्या को लेकर सदर विधायक भी गंभीर नजर नहीं आए। यह स्थिति तब है कि जब अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार चेत नहीं रहे हैं।
कैसे बचें संक्रमण से, जब दरवाजे पर जमा हो दूषित पानी
जिला प्रशासन ने संक्रमण के बचाव के लिए तमाम तैयारियां की गई हैं। साथ ही नियम कड़े किए गए हैं, लेकिन नियंत्रण के प्रयास शहर के मोहल्ला आजादपुरा प्रथम में लोहिया गली में दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। यहां पर दरवाजे जमा दूषित पानी से ठहरना मुश्किल हो रहा है, पर लोग मजबूरन ही गंदे पानी से होकर निकल रहे हैं। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
गली में जमा पानी से शाम पांच बजे से सुबह छह बजे तक नहीं निकलते हैं। कई बार गिर चुके हैं। सलोनी
जमा पानी से दीवारें गीली हो गईं है। नगर पालिका के कर्मी मकान बेचने की सलाह दे रहे हैं। गुड्डी देवी
घर के बाहर रास्ते में जमा दूषित पानी से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए निकलना मुश्किल है। रानी देवी
कई बार पत्र लिखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। सावित्री