ललितपुर। भीषण गर्मी के दौरान पेयजलापूर्ति के संकट से जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्रों में जिला प्रशासन की देखरेख में 18 गांवों में टैंकरों से जलापूर्ति की व्यवस्था कर लोगों को राहत पहुंचायी जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी इसकी मानीटरिंग खुद कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को समय से पेयजलापूर्ति हो सके। डीएम ने पेयजल सप्लाई करने में जरा भी लापरवाही होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जनपद में कुल 415 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें प्रत्येक ब्लॉक अंतर्गत पेयजल आपूर्ति के संकट से जूझ रहे ग्रामीण क्षेत्रों में कंट्रोल रूम व अन्य माध्यमों से कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं जिसके चलते जिला प्रशासन द्वारा ऐसे करीब अठारह गांवों को चिह्नित किया गया है, जहां पेयजल का भारी संकट चल रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर तात्कालिक रूप से ऐसे चिह्नित गांवों में टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराने की व्यवस्था की गई और गांवों में पेयजल की आवश्यकता अनुसार टैंकर उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। इनमें बार ब्लॉक के ग्राम पुलवारा, जखौरा ब्लॉक के ग्राम पाचौनी, विघा खेत, महर्रा, विघामहावत, तालबेहट ब्लॉक के ग्राम भुचेरा, पवा, नत्थीखेड़ा, लालौन, जमालपुर, गुलेंदा, पूराकलां, बरीखुर्द, वनगुंवाकला, बघौरा, चुरावनी, रजारू, थाना, कोटरा, सुनौरी, उगरपुर, सेरवांसकलां शामिल हैं। पेयजलापूर्ति संकट के मामले में जिलाधिकारी ने दो दिन पहले बैठक करके दो दिन में पेयजलापूर्ति समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
जनपद में पेयजलापूर्ति की समस्या के निस्तारण के लिए योजना तैयार की गई है। वर्तमान में अठारह गांवों को चिह्नित कर उनमें टैंकरों से जलापूर्ति कराई जा रही है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को पेयजलापूर्ति के संकट का संज्ञान आने पर दो दिनों में निस्तारण के निर्देश भी किए हैं। आलोक कुमार सिंह, जिलाधिकारी।