अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में बस्ती के बीच से निकली गोविंद सागर की बांयी नहर दुर्घटना को दावत दे रही है। तीन किमी लंबी नहर खुली होने के कारण अक्सर इनमें जानवर या वाहन गिरने से हादसा होता रहता है। सोमवार को नहर में कार गिरने से उसमें सवार युवक की मौत हो गई जबकि, दो लोग किसी तरह बाहर निकल आए।
गोविंद सागर बांध से फसलों की सिंचाई के लिए नहरों का संचालन किया जाता है। दांयीं नहर रावतयाना होकर निकली है तो बांयीं नहर करीमनगर, आजादपुरा होकर निकली है। शुरुआत में नहरों के निर्माण के समय अधिक बस्ती नहीं थी। उस समय इन क्षेत्रों में भी फसलों की सिंचाई होती थी। लेकिन, नगर पालिका की सीमा का विस्तार हुआ और नहर किनारे भवनों का निर्माण हो गया।
अब नहर बीच आबादी में आ गई है। नहर के एक ओर सड़क भी डाली गई है। दूसरी ओर कच्चे मार्ग से लोग आवाजाही करते हैं। इसके बाद भी इसे ढंका नहीं गया है। जिस कारण हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। पानी आने पर समस्या बढ़ जाती है।
आए दिन हो रहीं दुर्घटनाएं : करीम नगर से आजादपुरा तक खुली नहर में दो माह पहले गाय गिर गई थी। स्थानीय लोगों ने बमुश्किल उसे बाहर निकाला था। एक कार भी अनियंत्रित होकर गिरी, गनीमत थी कि नहर सूखी थी। चालक तो बच गया, कार क्षतिग्रस्त हो गई। बीते दिन सदनशाह क्षेत्र में पानी से भरी नहर में कार गिरने से आनंद पांडेय (24) की मौत हो गई थी जबकि उसके दो साथी बाहर निकल आए थे। इस घटना के बाद से लोगों ने सुरक्षा कराने की मांग की थी।