बल्क ड्रग फार्मा पार्क के लिए भूमि यूपीसीडा को मिल चुकी है। यहां प्रथम चरण का कार्य भी प्रारंभ हो गया है। वहीं, हवाई अड्डा निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण हो चुका है। वर्ष 2025 में ये दोनोंं सौगातें मिलनी तय हैं। जबकि, रोडवेज बस डिपो नए साल के पहले महीने में ही शुरू हो सकता है।
प्रदेश के सबसे पिछड़े जनपद में शुमार ललितपुर आगामी साल में प्रदेश के टॉपटेन में शामिल हो सकता है। बल्क ड्रग पार्क में फार्मा कंपनियों के आने से जनपद दवा निर्माता वाले शहरों में आ जाएगा। साथ ही हवाई अड्डा निर्माण से सड़क व रेल के साथ हवाई मार्ग से जुड़ जाएगा।
डेढ़ लाख से ज्यादा होंगे रोजगार के अवसर : ड्रग पार्क से प्रदेश में एक लाख करोड़ का निवेश होगा। डेढ़ लाख से ज्यादा रोजगार सृजित होंगे। परोक्ष रूप से तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। फार्मा इंडस्ट्री का हब बनाने के लिए सरकार कई तरह की रियायतें दे रही है। यहां 1475 एकड़ में बल्क ड्रग पार्क बनाया जा रहा है। 60 से 70 यूनिट की स्थापना की जाएगी, जो 452 दवाएं करेंगी।
फार्मा पार्क में इंडस्ट्री को कुल 94 प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे, इसमें 50 से लेकर पांच एकड़ तक के प्लाट होंगे। फार्मा पार्क के 53 प्रतिशत हिस्से में इकाइयां और शेष में अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। फार्मा पार्क में बिजली सप्लाई पर दो साल में 61 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 43 किलोमीटर में 220 केवी ट्रांसमिशन की लाइन बिछाई जाएगी। वहीं, जामनी नदी पर 60 करोड़ से पंपिंग स्टेशन के साथ चेकडैम बनाया जाएगा।