ललितपुर। यातायात माह नगरवासियों के लिए मुख्य बाजार में आए दिन होने वाली
ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने की सौगात लेकर आया। लेकिन, एसपी के
तबादले से व्यवस्था धड़ाम हो गई है और फिर से मनमर्जी से शहर में वाहन
घुसने लगे हैं।
नगर के मुख्य बाजार में आए दिन होने वाले जाम की समस्या
से निजात दिलाने के लिए वन वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई थी। इसके पहले
लोगों के सुझाव मांगे गए थे, जिसमें ज्यादातर लोगों ने वन-वे के पक्ष में
सुझाव दिए थे। इस पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने वन-वे लागू
कर दिया था। ट्रायल के दौरान व्यवस्था को 15 दिन के लिए लागू किया गया,
इसका बेहतर रिजल्ट निकला और व्यवस्था को स्थायी तौर पर लागू कर दिया गया।
इससे लोगों को काफी राहत मिली और लोगों ने पुलिस अधीक्षक के प्रयास की
सराहना की। लेकिन, पुलिस अधीक्षक के स्थानांतरण के बाद यह व्यवस्था दो दिन
भी नहीं टिक सकी और जनता एक बार फिर से ट्रैफिक से जूझने लगी है। वन-वे के
दौरान पुराने तहसील चौराहे से सावरकर चौक तक का सफर जहां दो मिनट में तय हो
जाता था, अब वहीं फिर से ज्यादा समय लगने लगा है। मंगलवार को चार पहिया और
तिपहिया वाहन धड़ल्ले से नियमों का उल्लंघन करते नजर आए।
चौड़ा हो गया था शाही रोड
ललितपुर।
वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने के समय सड़क पर अतिक्रमण हटाया गया था।
इससे अतिक्रमण के कारण सिकुड़ा रहने वाला शाही रोड चौड़ा दिखाई देने लगा
था। सड़क पर चाट-पकौड़े, फल-फ्रूट सहित अन्य हाथ ठेलों को हटा दिया गया था।
जगदीश मार्केट के सामने फुटकर कपड़ा बेचने वाले दुकानदारों को फुटपाथ पर
बैठने से मना कर दिया गया था। इससे सड़क पर वाहन आसानी से सफर करते नजर आने
लगे थे, लेकिन अब फिर से धीरे-धीरे पुराना ढर्रा आता जा रहा है।