ललितपुर। ड्यूटी में अनियमितता के लिए टोकना जिला अस्पताल के मुख्य
चिकित्सा अधीक्षक को महंगा पड़ गया। अस्पताल में तैनात एक सिस्टर ने स्टाफ
के सामने न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि पति को बुलाकर देख लेने की धमकी भी दे
डाली। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने जांच बिठा दी है।
कांशीराम
संयुक्त जिला चिकित्सालय (पुरुष) के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आरपी सिंह
का कहना है कि जिला अस्पताल में तैनात एक सिस्टर झांसी से आती हैं। अस्पताल
में उसकी ड्यूटी सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक है, लेकिन वह प्रतिदिन
दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे चिकित्सालय से चली जाती हैं। इस संबंध में उसे कई
बार कार्यालय की ओर से पत्र के माध्यम से समयबद्ध तरीके से ड्यूटी करने को
निर्देशित किया जा चुका है। दस जून को सुबह साढ़े नौ बजे जब वे प्रात:कालीन
भ्रमण करते हुए पुरुष वार्ड पहुंचे तो सिस्टर ने अभद्रता शुरू कर दी और
मर्जी से ड्यूटी करने की बात कहते हुए पति को बुलाकर देख लेने की धमकी दी।
इस दौरान डा. सौरभ देवलिया, शफीक खां, सचिन, रजनी यादव और सुनील आदि
कर्मचारी मौजूद थे। सीएमएस का आरोप है कि सिस्टर के दुर्व्यवहार की शिकायत
30 अप्रैल को भी की गई थी, लेकिन कार्रवाई न होने से उसके हौसले बुलंद हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी प्रभाकर
चौधरी ने अधीनस्थों को जांच सौंपकर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।