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आधी अधूरी आईं पुस्तकें

Sat, 04 Jul 2015 12:36 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
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ललितपुर। ग्रीष्मावकाश के बाद शुरू हुईं कक्षाओं में बच्चे बगैर पुस्तकों के स्कूल जाने को विवश हैं। कारण, प्रकाशक तय अनुबंध के अनुसार पुस्तकों की शतप्रतिशत आपूर्ति नहीं कर सके हैं, जिससे पुस्तकें स्कूल नहीं पहुंचाई जा सकी हैं।
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जिले के 1049 प्राथमिक और 492 पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत एक लाख 97 हजार बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें मुहैया कराने के लिए विभिन्न प्रकाशकों से आपूर्ति का अनुबंध किया गया है। अनुबंध के मुताबिक पांच जुलाई तक शत प्रतिशत पुस्तकों की आपूर्ति होनी थी। लेकिन, जनपद को आधी अधूरी पुस्तकें ही प्राप्त हो सकी हैं। कक्षा, पांच छह और सात के विभिन्न विषयों की पुस्तकें अभी तक प्राप्त नहीं हुई हैं।


कक्षा आठ की तो एक भी विषय की पुस्तकें नहीं आई हैं। इससे विभागीय अफसरों को पुस्तकें स्कूल भेजने में कठिनाई आ रही है। तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पुस्तकों की आपूर्ति में हो रही देरी को ध्यान में रखकर प्रकाशकों को नोटिस जारी किए थे। इसके बाद भी पुस्तकों की आपूर्ति में तेजी नहीं आ सकी।  अफसरों का कहना है कि शैक्षिक सत्र का शुभारंभ हो गया है। यदि प्रकाशकों ने आपूर्ति करने में और देरी कर दी तो पठन पाठन प्रभावित हो जाएगा। इसलिए अब आधी अधूरी पुस्तकों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
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ये हैं सत्यापन समिति
पुस्तकों के सत्यापन के लिए अधिकारी नामित कर दिए गए हैं। इनमें वरिष्ठ प्रवक्ता डायट, जिला सेवायोजन अधिकारी, जिला प्रशिक्षण अधिकारी, उप बेसिक शिक्षा अधिकारी को शामिल किया गया है।

ये हैं प्रकाशक
डायनामिक टैक्ट बुक प्रिंटर बिजौली, विश्व परिवार रायपुर, वीर बुंदेलखंड प्रेस झांसी, रामराजा प्रिंटर बिजौली को पुस्तक आपूर्ति का जिम्मा सौपा गया है।
......
ये हैं शर्तें
15 जून तक 50 प्रतिशत एवं पांच जुलाई तक शत प्रतिशत पुस्तकों की आपूर्ति का अनुबंध था। लेकिन, इसे पूरा नहीं किया गया है। जिस आधार पर प्रकाशकों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी शत प्रतिशत पुस्तकों की आपूर्ति नहीं हो सकी है। 
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