फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एनएफएसए का लाभ लेने को बने गरीब

Mon, 18 Jan 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। गरीबों के पेट की आग बुझाने का इंतजाम भले ही नहीं हो पाया हो पर धनाढ़यों ने योजना में शामिल होकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा की गारंटी पा ली है।
विज्ञापन


इस सूची में समाजवादी पार्टी के नेताजी से लेकर पार्षद, डाक्टर, कोटेदार, अधिकारी, बाबू व शिक्षक शामिल हो गए हैं। इसका खामियाजा गरीबों को दर-दर की ठोकरें खाकर भुगतना पड़ रहा है।

प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाने वाले बुुंदेलखंड के ललितपुर की जिले की हालत किसी से छिपी नहीं है। यहां के गरीबों को दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना मुश्किल हो जाता है। सूखे ने तो और भी परेशानी बढ़ा दी है। शासन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा गारंटी योजना लागू की तो गरीबों की आंखों में चमक दिखाई देने लगी थी, लेकिन जब इस योजना का सच सामने आया तो सभी भौंचक्के हैं।
विज्ञापन


गरीबी की पात्रता को दरकिनार कर सूची में डाक्टर, वकील, पार्षद, डाक्टर, कोटेदार, बाबू व शिक्षक बिना किसी झिझक के शामिल हो गए हैं, जो लोगों में चर्चा का विषय बन गया है। कोटेदार राजेश निरंजन की दुकान से सपा नगराध्यक्ष अजीज कुरैशी की पत्नी के नाम नंदा का राशन कार्ड बना है तो कोटेदार संजय कटारे की दुकान पर शिक्षक विधायक यज्ञदत्त शर्मा के प्रतिनिधि रवि नारायण चौबे पात्रता की श्रेणी में हैं।

कोटेदार शांतसागर भी कहां पीछे रहने वाले थे, उनकी पत्नी भी सूची में जुड़ गई हैं। वहीं, कोटेेदार देवीदयाल की दुकान पर खंड शिक्षा अधिकारी नाथूलाल शर्मा का परिवार राशन कार्ड बनवाने में सफल रहा है। इसके अतिरिक्त शिक्षकों में कमलेश राठौर, दीप शिखा, भारती गिदरौनिया, चित्रा, मुन्नी, कविता, दीप्ति, आकांक्षा चौबे आदि के नाम शामिल हैं। लिपिकों में अलका, विनोद आदि के नाम हैं।

मंडलायुक्त का होगा घेराव
कांग्रेस के नगराध्यक्ष हरीबाबू शर्मा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा गारंटी योजना से अपात्रों के नाम हटाने में अनदेखी हो रही है। मजबूरन, मंडलायुक्त झांसी के राम मोहन राव के घेराव का निर्णय लेना पड़ा है। यही नहीं, पूर्ति विभाग की गड़बड़ियों का पुलिंदा विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भ्रमण के समय सौंपेंगे।
विज्ञापन


योजना में अपात्रों के नाम संज्ञान में आने पर हटाए जाएंगे। यही नहीं, कोटेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करेंगे।
- डीएस राम
जिला पूर्ति अधिकारी ललितपुर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें