पाली क्षेत्र में स्थित नागौरी ताल
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पाली(ललितपुर)। नगर में शुक्रवार को कोविड नियमों के तहत नागपंचमी का पर्व सादगी से मनाया जाएगा। नागौरी तालाब पर मंत्रोच्चार के साथ भगवान नागदेव की पूजा अर्चना व महाआरती का आयोजन होगा। जिसमें समाज के लोग नाग की आरती उतारकर सुख समृद्धि की मंगल कामना करेंगे।
चौरसिया समाज नागदेव को अपना आराध्य देव मानता है। मान्यता है कि नाग उनकी पान की खेती में वृद्धि करते हैं। इस कारण पान की बेल को नागबेल कहा जाता है। इस दिन चौरसिया समाज के लोग अपने प्रतिष्ठान बंद करके आयोजन में भाग लेते हैं। नागपंचमी के अवसर पर अवध विहारी मंदिर से बैंडबाजों की धुन पर शोभायात्रा निकाली जाती है। यात्रा गांधी चौक, हजारिया महादेव मंदिर, बस स्टैंड, मुख्य बाजार होते हुए नागौरी ताल मंदिर पर पहुंचते हैं। लेकिन इस साल कोविड गाइडलाइन के मुताबिक शोभायात्रा को स्थगित कर साधारण तरीके से पूजन अर्चन होगा। प्रबंधक जगदीश चौरसिया बताते हैं कि परंपरा के अनुसार चौरसिया समाज के लोग सबसे आगे झंडा लेकर चलते हैं जिस पर भगवान नागदेव व पान का चिह्न बना रहता है सैकड़ों की संख्या में परिवार सहित नागौरी तालाब पहुंचते हैं, जहां समाज के लोगों ने मंत्रोच्चार के साथ भगवान नगदेव की पूजा अर्चना के बाद महाआरती करते हैं।
नगर पंचायत क्षेत्र का वह स्थान जहां नाग देवता का पूजन होता है- फोटो : LALITPUR