ललितपुर। प्रदेश सरकार के श्रम राज्यमंत्री मन्नूलाल कोरी के पुत्र जमीन पर कब्जे को लेकर मारपीट के मामले में फंस गए हैँ। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मंत्री के बेटे समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रोंड़ा निवासी हजारी की पत्नी पानबाई ने विशेष सत्र न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि गांव में उसकी जमीन है। उसने यह जमीन चांदमारी सिविल लाइन हाल निवासी ग्राम रोंड़ा के नरेंद्र कुमार पुत्र मनोहर लाल कोरी उर्फ मन्नू कोरी से 25 जुलाई 2017 को खरीदी थी। जमीन पर उसका नाम दर्ज हो गया था। इस जमीन पर वह काश्तकारी करके अपना और अपने बच्चों का जीवन यापन करती आ रही है।
आरोप लगाया गया कि 24 मार्च 2021 को सुबह दस बजे उसकी जमीन पर नरेंद्र अपने साथी ग्राम चंदेरा निवासी मेहरबान और मोहल्ला रामनगर निवासी छोटेलाल को लेकर आया। उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। मना किया तो वे लोग उसेगालियां देने लगे। मारपीट को आमादा हो गए। धमकी दी कि वे कब्जा करके रहेंगे। इसकी सूचना उसने मुख्यमंत्री पोर्टल पर एवं पुलिस अधीक्षक को दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
चार अप्रैल 2021 को वह अपने पति एवं बेटे के साथ घर पर थी। उसी समय मेहरबान घर आया और पति हजारी को अपने साथ खेत पर लिवा ले गया। वहां पर नरेंद्र कुमार व छोटेलाल मौजूद थे। उन्होंने उसके पति के साथ गाली गलौज कर मारपीट की। धमकी दी कि कार्रवाई की तो गांव में नहीं रहने देंगे। पूरे परिवार को जान से मार देंगे। उसने घटना की सूचना कोतवाली में दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डीएम के यहां गई तो उसे मिलने नहीं दिया। पति की हालत गंभीर होने पर उसने डायल 112 पर शिकायत की। एंबुलेंस बुलाई और पति का चिकित्सकीय परीक्षण कराया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। न्यायालय ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच के आदेश दिए। इस पर कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।