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Lalitpur News: ललितपुर-खजुराहो मार्ग पर पैसेंजर के स्थान पर चलाई नए कोच के साथ मेमू ट्रेन

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-जर्जर पैसेंजर ट्रेन से मिला छुटकारा, यात्रियों को मिलेंगी सुविधाएं
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ललितपुर से खजुराहो रेल मार्ग पर पुरानी पैसेंजर ट्रेन से यात्रियों को छुटकारा मिल गया है। वहीं, अब रेलवे ने सोमवार से ललितपुर से खजुराहो तक नए कोच के साथ मेमू ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। इस ट्रेन के संचालन से रेलवे को समय की बचत होगी, वहीं इस ट्रेन में यात्रियों के लिए सुविधाएं भी मिलेंगी।
ललितपुर से टीकमगढ़ के बीच रेल लाइन का संचालन 26 अप्रैल 2013 को शुरू हुआ था और इस रूट पर सबसे पहले एक पैसेंजर ट्रेन ललितपुर और टीकमगढ़ के बीच चलाई गई थी। इसके बाद टीकमगढ़ से खजुराहो तक रेल लाइन का विस्तार किया गया और फिर 18 अक्तूबर 2016 को ललितपुर से खजुराहो तक ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। धीरे-धीरे ललितपुर से होते हुए खजुराहो के बीच पैसेंजर ट्रेन के अलावा अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों को बढ़ाया गया। वहीं, वर्तमान में इस रूट पर नई दिल्ली-खजुराहो वंदेभारत समेत लगभग दस ट्रेनों का संचालन हो रहा है।
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ललितपुर से टीकमगढ़ और फिर खजुराहो के लिए पहले पैसेंजर ट्रेन संचालित हुए लगभग बारह वर्ष हो गए, लेकिन इन 12 वर्षों में यह पैसेंजर ट्रेन की हालत काफी खराब हो गई। इस ट्रेन में बीते एक वर्ष में स्थिति काफी दयनीय हो गई थी, जिससे इसमें यात्रा करने वाले लोगों को काफी असुविधा हो रही थी। इस ट्रेन के शौचालय में नल, वॉशवेशन, पॉट, दरवाजे, गेट के पास लगे वाटर वॉशवेशन की नलों की टोटियां सभी टूट गई थीं। जिससे यात्रियों को शौचालय व पानी के उपयोग के लिए परेशान होना पड़ रहा था। लेकिन अब रेलवे ने ललितपुर से खजुराहो के लिए सुबह सवा ग्यारह बजे चलने वाली पैसेंजर ट्रेन के स्थान पर अब नई कोच वाली मेमू ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया है। यह ट्रेन खजुराहो रेलवे स्टेशन से सुबह सात बजे चलकर ललितपुर स्टेशन पर सुबह 10.50 बजे आती है। जबकि यही ट्रेन हर रोज सुबह 11.15 बजे ललितपुर से चलकर खजुराहो स्टेशन पर चार बजे पहुंचेगी।
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मेमू ट्रेन में दी गई हैं आधुनिक सुविधाएं
मेमू कोच में यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। हर कोच में डिस्प्ले बोर्ड और उद्घोषणा सिस्टम लगाया गया है। इससे यात्रियों को ट्रेन नंबर, अगले स्टेशन और अन्य जरूरी जानकारी मिलती रहेंगी। यही नहीं ट्रेन के इंजन को भी बदलने की आवश्यकता नहीं है। मेमू ट्रेन के दोनों सिरों पर गार्ड-कम-कंट्रोलर लगे हैं, जिससे ट्रेन को उल्टी दिशा में भी आसानी से चलाया जा सकेगा और ट्रेन का इंजन बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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