ललितपुर। मेडिकल कॉलेज के आयुष भवन में स्थित आयुर्वेद अस्पताल में मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में ताला लगा होने के कारण मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। वहीं, होम्योपैथिक अस्पताल भी उदासीनता का शिकार है, जहां गंदगी से उठ रही दुर्गंध के कारण क्षणभर भी रूक पाना मुश्किल है।
मेडिकल कॉलेज परिसर में आयुष भवन में आयुर्वेद और होम्योपैथिक अस्पताल संचालित होते हैं। यहां योगसेंटर भी चलाया जा रहा है। आयुर्वेद अस्पताल जिम्मेदारों की अनदेखी का शिकार हो गया है। अस्पताल में चिकित्सक नहीं आते और इसे खोला भी नहीं जाता है। कक्षों में ताले लटके रहते हैं। आयुर्वेद पद्धति से उपचार लेने आने वाले मरीज परेशान होते हैं। वे अस्पताल खुलने का इंतजार करते हैं, फिर उदास होकर वापस चले जाते हैं। मुख्यालय में ऐसी स्थिति होने पर ग्रामीण क्षेत्रों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इधर,मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने होम्योपैथिक अस्पताल के पीछे एक कचरा घर बनाया है। यहां पूरे अस्पताल का कचरा डाला जाता है। कचरा इधर-उधर न फैले, इसके लिए बाउंड्री का निर्माण भी किया गया है। लेकिन कचरे का ठीक से उठान नहीं होने से दूषित दुर्गंध फैल रही है। दूषित दुर्गंध से लोगों की हालत खराब हो रही है। बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता की सीख देने वाले जिम्मेदार ही अस्पतालों की अनदेखी कर रहे हैं। उनके परिसर में ही गंदगी से दुर्गंध उठ रही है।
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कैप्सन- रविंद्र सिंह बुंदेला
होम्योपैथिक अस्पताल में उपचार कराने के लिए आए हैं। यहां पर दवा कक्ष तो दूर ओपीडी तक में दुर्गंध आ रही है।-रविंद्र सिंह बुंदेला
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कैप्सन- देवेंद्र कुमार
होम्योपैथिक अस्पताल के परिसर में पीछे कचरा होने से दुर्गंध उठ रही है। इससे बीमार होने का खतरा बना हुआ है।- देवेंद्र कुमार
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आयुर्वेद अस्पताल के चिकित्सक शिविर में ड्यूटी पर गए हैं। आयुष भवन के पीछे से कचरा का ठीक से उठान व सफाई कराई जाएगी।
डॉ. गजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज
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