ललितपुर। श्री जगदीश मंदिर से शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। जिसमें भगवान जगन्नाथ गरुड़ ध्वज रथ पर, भगवान बलभद्र जी तल ध्वज रथ पर और बहन सुभद्रा पद्म ध्वज रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। भगवान के तीनों रथों को श्रद्धालु अपने हाथों से खीचेंगे। वहीं बहन सुभद्रा के रथ को माताएं व बहने खींचकर ले जाएंगीं। संपूर्ण यात्रा मार्ग में ड्रोन से पुष्प वर्षा की जाएगी। रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है।
श्री जगदीश मंदिर समिति एवं श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति ने रथयात्रा को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया। भगवान के रथों को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। प्रात: काल मंदिर में भगवान का भव्य अभिषेक पूजन एवं हवन होगा। दोपहर में भक्ति संगीत एवं शाम करीब चार बजे भगवान के दिव्य विग्रह गर्भ गृह से निकालकर उनके रथों में विराजमान कराए जाएंगे। रथों के आगे चांदी की झाड़ू से मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं संत सफाई करेंगे। मंदिर के सामने से यात्रा प्रारंभ होगी। इस वर्ष रथयात्रा में विशेष रुप से इलाहाबाद के सांस्कृतिक दल द्वारा भगवान राधा कृष्ण के मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति भी होगी। काजल बैंड के सुमधुर भजनों के बीच रामराजा व्यायामशाला की बहनों द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन होगा। जगदीश मंदिर समिति के अध्यक्ष सुधांशु शेखर हुंडैत ने आम जनमानस से रथयात्रा में शामिल होने हेतु आग्रह करते हुए कहा कि यात्रा नगर की ऐतिहासिक यात्रा बन चुकी है। रथयात्रा के समापन पर श्री जगदीश मंदिर के समक्ष भव्य आतिशबाजी का प्रदर्शन एवं दिव्य रूप से आरती होगी। साथ ही भगवान जगन्नाथ का भात का भोग लगाकर प्रसाद वितरित होगा।
मेवा और देशी घी से बनेगा भात
श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव समिति के महामंत्री रामगोपाल नामदेव ने बताया कि भगवान जगन्नाथ का भात का भोग लगाया जाएगा। इसके लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। जिससे सभी भक्तों को भात का प्रसाद मिल सके। जानकारी के मुताबिक तीन क्विंटल चावल, 35 किलो देशी घी, 10 किलो काजू, 10 किलो किशमिश, आठ किलो चिरौंजी के अलावा अन्य मेवाओं से भात तैयार कराया जा रहा है। सुबह से ही भात बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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