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Lalitpur News: कहर बनकर टूट रही बिजली, आठ दिन में पांच लोगों की हुई मौत

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। जिले में मानसून के साथ बिजली कहर बनकर टूट रही है। पिछले आठ दिनों में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक महिला समेत पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया। उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। अधिकांश हादसे खेतों में काम करने, बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े होने या खुले स्थान पर रहने के दौरान हुए। ऐसे में विशेषज्ञों ने खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
विंध्याचल पर्वत शृंखला की तलहटी में बसे जिले में मानसून के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं हर वर्ष सामने आती हैं। इसकी चपेट में आकर लोगों की जान जाती है या वे गंभीर रूप से झुलस जाते हैं। बीते आठ दिनों में जान गंवाने वाले सभी लोग ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी थे। हादसों के बाद प्रभावित परिवारों में शोक का माहौल है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आपदा विभाग ने खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
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आठ दिन में बिजली गिरने की प्रमुख घटनाएं
28 जून को महरौनी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सैदपुर निवासी 16 वर्षीय साक्षी कुशवाहा खेत पर काम करते समय बिजली गिरने से गंभीर रूप से झुलस गई थी। बाद में उसकी मौत हो गई।
5 जुलाई को पाली थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया जागीर निवासी 40 वर्षीय जयसिंह खेत में बोआई कराते समय बिजली गिरने के बाद अचेत हो गए और उनकी मौत हो गई। परिजनों ने तेज धमाके से हार्ट अटैक आने की आशंका भी जताई।
इसी दिन जखौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरा अड़वाहा निवासी 45 वर्षीय पार्वती बारिश के दौरान पेड़ के नीचे बंधी भैंस को खोलने गई थीं। बिजली गिरने से उनकी और भैंस दोनों की मौत हो गई।
5 जुलाई को ही बानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पाह निवासी 55 वर्षीय किस्सू कुशवाहा खेत से लौटते समय बिजली गिरने से अचेत हो गए। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
6 जुलाई को बार थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्चवारा निवासी 55 वर्षीय कल्याण उर्फ कलुवा कुशवाहा बारिश के दौरान आम के पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई।
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बचाव के उपाय
गरज-चमक शुरू होते ही पक्के भवन में शरण लें।
पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें।
खेत में काम कर रहे हों तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं।
मौसम विभाग के अलर्ट और प्रशासन की सलाह का पालन करें।
तालाब, नदी और अन्य जलाशयों से दूर रहें।
घरों में तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) लगवाएं।
बिजली कड़कने पर बिजली के उपकरणों के प्लग निकाल दें।
किसी के झुलसने पर आवश्यकता अनुसार सीपीआर देकर तुरंत एंबुलेंस को सूचना दें।
दामिनी मोबाइल एप के माध्यम से बिजली गिरने के पूर्वानुमान की जानकारी लेते रहें।

आपदा विशेषज्ञ आरती सिंह ने लोगों से अपील की है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतें तथा किसी भी स्थिति में पेड़, बिजली के खंभों और खुले स्थानों पर खड़े न हों। इससे जनहानि की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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