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मासूम के हत्यारे को उम्रकैद की सजा

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court.jpeg - फोटो : court.jpeg
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो प्रथम) चंद्र मोहन श्रीवास्तव की अदालत ने आठ वर्षीय बच्चे की हत्या का दोष सिद्ध होने पर आरोपी को आजीवन कारावास और 66 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति ने 17 अक्तूबर 2019 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह 16 अक्तूबर को मजदूरी करने और पत्नी बाजार गई थी। दोपहर करीब दो बजे उसका 12 वर्षीय भतीजा, आठ वर्षीय बेटा एवं पांच वर्षीय बेटी घर में अकेले थे। उसका आठ वर्षीय बेटा घर के बाहर खेल रहा था, तभी अज्ञात व्यक्ति उसके बेटे को बहला - फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसकी जानकारी पत्नी को घर लौटने पर हुई। काफी खोजबीन के बाद भी जब बेटे का पता नहीं चला तो उसने पुलिस को बेटे की गुमशुदगी के बारे में जानकारी दी।
19 अक्तूबर को मासूम बालक का शव राजकीय महाविद्यालय के आगे खेत के पास से निकले नाले की झाड़ियों में पड़ा मिला। एक बोरा पास में पड़ा था। मृतक के हाथ पैर बंधे हुए थे, जबकि मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। शक होने पर पुलिस ने गहनता से छानबीन करते हुए तीन आरोपियों को जाखलौन रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ लिया। तीनों आरोपियों के नाम मोहल्ला भदैंयापुरा निवासी संजू कुशवाहा पुत्र गेंदालाल और दो अन्य हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, हत्या एवं पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया था।
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बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर हत्यारोपी संजू कुशवाहा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 66 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की अस्सी प्रतिशत राशि पीड़ित पक्ष को देने का आदेश दिया। हत्यारोपी संजू घटना के समय से ही जेल में निरुद्घ चल रहा है। दो अन्य आरोपी के नाबालिग होने के कारण उनका मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में पुलिस ने बालक के साथ कुकर्म के प्रयास की धारा बढ़ाई थी, लेकिन न्यायालय में साबित नहीं हुआ।
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इस तरह दिया था घटना का अंजाम
पुलिस की पूछताछ में हत्यारोपी संजू कुशवाहा ने बताया था कि वह नशे की हालत में बालक को पकड़कर उसके साथ बुरा काम करने के लिए एक नवनिर्मित मकान में ले गए थे। जब उसके कपड़े उतारे तो उसके साथी ने पकड़कर मुंह बंद कर दिया, जिससे बालक की मौत हो गई थी। इसके बाद मोटरसाइकिल पर लादकर हाईवे की तरफ गए तो वहां पर एक और आरोपी मिल गया। तब तीनों ने मिलकर बालक के शव को छिपाने के लिए नाले में डाल दिया था। हत्या के बाद आरोपी संजू ने मृतक के पिता से फोन पर पांच लाख की फिरौती मांगी थी, तब शक गहरा गया था।
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