संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। धौर्रा-जाखलौन के बीच पुरातत्व विभाग की जमीन को छोड़कर घुमावदार तीसरी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। रेलवे ने जमीन चिह्नित कर ली है। किसानों ने आपत्तियां भी भेज दी हैं। अब जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की टीम आपत्तियों का निस्तारण करेंगी।
झांसी मंडल के ललितपुर सेक्शन में जाखलौन व धौर्रा के बीच को छोड़कर आगौसाद से मालाटीला तीसरी रेल लाइन का काम तीन वर्ष पहले पूरा हो चुका है। इस सेक्शन में ट्रेनों का संचालन भी हो रहा है। लेकिन, जाखलौन व धौर्रा के बीच चांदपुर-जहाजपुर क्षेत्र में पुरातत्व विभाग की जमीन पर निर्माण की अनुमति नहीं मिल सकी।
इसके बाद रेलवे ने पुरातत्व विभाग की जमीन को छोड़कर जाखलौन से धौर्रा की ओर घुमावदार पांच किलोमीटर की तीसरी रेल लाइन बनाने का निर्णय लिया था। रेलवे ने लाइन बिछाने के लिए चार गांव में किसानों की भूमि चिह्नित कर ली है।
रेल लाइन के लिए चिह्नित जमीनों के बचे हिस्से को भी किसान रेलवे को ही देना चाहते हैं, क्योंकि यह जमीन काफी कम है। इससे न तो वह खेती योग्य रह जाएगी और न आवासीय या व्यावसायिक उपयोग किया जा सकेगा।
जाखलौन से धौर्रा तक घुमावदार पांच किलोमीटर की तीसरी रेल लाइन बनाई जानी है। भूमि के चिह्नांकन का काम पूरा हो गया है। किसानों की आपत्तियों के निस्तारण के बाद जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
-मनोज कुमार, पीआरओ, रेलवे।