तहरीर में बताया कि रमेश खटीक भूमाफिया है, जिनका संगठित गिरोह है। वह जमीनों के अवैध रूप से क्रय-विक्रय करने के धंधे में शामिल है। उनकी बहू जयश्री खटीक द्वारा रमेश खटीक व जितेंद्र एवं संगठित गिरोह के सदस्यों के साथ षड्यंत्र करके काल्पनिक महिला पिंकी पत्नी जितेंद्र खटीक के नाम से जालसाजी व धोखाधड़ीपूर्ण विक्रय पत्र तैयार करके अवैध रूप से बेनामी संपत्तियां खरीदी गई हैं। जयश्री खटीक के दो नामों का भी दुरुपयोग करके भी जमीनें खरीदीं और बेची गईं।
प्रभात शर्मा ने दो सितंबर 2021 को आयुक्त झांसी मंडल को शिकायत प्रेषित की थी, जिस पर एडीएम नमामि गंगे ने जांच की तो आरोप सही पाए गए। मामले में एसडीएम ललितपुर ने भी जांच करके चार मई को डीएम को रिपोर्ट सौंपी। जांच में सामने आया कि जयश्री खटीक द्वारा दो नामों का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी से विक्रय पत्र तैयार करके बेनामी संपत्तियां अर्जित की गई हैं, जिसमें जितेंद्र खटीक व रमेश खटीक शामिल हैं। यह धोखाधड़ी 2006 से 2019-20 तक की गई है।
जयश्री खटीक के द्वारा फर्जी व जालसाजीपूर्ण दस्तावेजों का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी से जिले के महत्वपूर्ण लाभ का पद हासिल किया था, जिस संबंध में अभिलेखीय साक्ष्य उपलब्ध हैं। इन्होंने अवैध रूप से लगभग 500-1000 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। कोतवाली पुलिस ने मामले में तीनों आरोपी पूर्व नपा अध्यक्ष एवं बहू पूर्व जिपं अध्यक्ष और बेटा जितेंद्र खटीक के खिलाफ धारा 420, 467, 468 एवं 471 में रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।