ललितपुर। जिला प्रशासन ने सशर्त दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी। प्रशासन की गाइडलाइन के अनुसार बुधवार को शहर का वन साइड का पूरा बाजार खुला। दुकानें खुलने से दुकानदारों के चेहबरे खिल गए। दुकानदारों को वन साइड फार्मूले के अंतर्गत दुकानें खोलने का निर्देश दिया था। बाजार में एक साइड की दुकानें खोलीं गईं।
दुकानें खुलने से बाजार में रौनक आ गई। रेस्टोरेंट, पान, मिठाई, सिलाई, कपड़े, जूते, आदि की दुकानें खुलने से बाजार में ग्राहक पहुंचने लगे हैं। दुकानदारों का कहा कि लंबे समय के बाद दुकान खुलने से सुखद अनुभव हो रहा है। जो माल सीजन के पहले मंगाया था, अब तक स्टाक में रखा है। लॉकडाउन के कारण दुकान बंद रहने से बिक्री नहीं हुई और पूरा सीजन निकल गया। जितनी बिक्री सालभर के अन्य नौ महीनों में होती है, उतनी बिक्री हर साल के इन्हीं तीन माह में हो जाती थी, लेकिन सीजन के समय में दुकानों को लॉकडाउन के कारण बंद रखना पड़ा और लाखों रुपये का नुकसान हुआ, फिर भी अब दुकानें खुलने से नई उम्मीद की किरण जागी है। अब स्थिति सामान्य बनी रहेगी तो दुकानदार कुछ कवर कर सकते हैं। बाजारों में भीड़ आने पर सोशल डिस्टेंसिंग को कायम रखना एक बड़ी चुनौती है। अगर इसका पालन न हुआ तो हालात बिगड़ने में देर नहीं लगेगी।
अब ईद नहीं रहेगी फीकी
ईद पर लोग नए कपड़े और अन्य सामान खरीदते हैं। लॉकडाउन के कारण दुकानें बंद होने से इस बार ईद भी फीकी पड़ने की आशंका थी। लेकिन, जिला प्रशासन से बाजार खुलने की अनुमति मिलने से सभी के चेहरे पर रौनक लौट आई है।
सुबह नौ से शाम छह बजे तक खुला बाजार
दुकानें खुलने से बाजार में चहल- पहल बढ़ने लगी है। सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक दुकानें खुली रहने से लोग खरीदारी के लिए घरों से बाहर निकलने लगे हैं। लोगों की आवाजाही बढ़ने के कारण दुकानें सजने लगी हैं। लोगों के घरों से बाहर निकल आने से दुकानदारों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। व्यवसायिक दुकानदारों को राहत मिलने से बाजार में काफी लोग नजर आए। दुकादारों का कहना है कि धीरे- धीरे बाजार में रौनक बढ़ेगी। इसके साथ ही कारोबार भी चमकने लगेगा।
लॉकडाउन में जो सामान नहीं खरीद पाए, अब खरीद रहे
लॉकडाउन के कारण बाजार बंद होने से जो लोग सामान नहीं खरीद पा रहे थे, वो अब बाजार से खरीद रहे हैं। लोग नए घर को सजाने से लेकर किचन तक का सामान और रूटीन में जरूरत की चीजों के लिए शॉपिंग करने लगे हैं। इससे दुकानदारों में उत्साह है कि कम से कम बिना कमाई के घर नहीं जाना पड़ रहा है। मोबाइल शॉप्स हो, कपड़ा, हार्डवेयर की दुकानें हर दुकान पर कोई न कोई ग्राहक जा रहा है। जिन दुकानों में ज्यादा सामान का स्टाक था, उन्हें अब उम्मीद है कि अब सामान धीरे- धीरे बिक जाएगा। उनकी जो लागत है वह भी निकल आएगी। लोग अब घर के लिए और अपने लिए हर तरीके का सामान खरीद रहे हैं।
मिठाई व पान की दुकानें खुलीं
प्रशासन के निर्देश पर शहर में शर्तो के साथ छूट दी गई है। बुधवार को पहले दिन सुबह से किराना, मेडिकल, सब्जी के अलावा बिल्डिग मैटेरियल, स्वर्ण आभूषण, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक दुकानें आदि खुलने से एक महीने बाद फिर रौनक देखने को मिली। मिठाई, पान व गुटका के दुकानदारों के चेहरे भी खिल गए।
दुकानदारों के चेहरे खिले
कोराना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किए लॉकडान के बाद दुुकानों के खुलने से दुकानदारों के चेहरे भी खिले रहे। दुकानदारों ने कहा कि मंगलवार की सुबह घर से निकलकर दुकान पहुंचने के बाद ऐसा लग रहा था मानो वनवास कट गया हो। नगर के इलेक्ट्रिक सामनों के विक्रेता इंद्रजीत सिंह ने कहा कि दुकान बंद होने से लोग घरों में रहने को विवश थे। बर्तन व्यवसाई घनश्याम केशरी ने कहा कि कई दिनों बाद दुकान खोलकर काफी अच्छा लगा। ऐसा लग रहा है कि जिदंगी एक बार फिर से पटरी पर लौट रही हो। कपड़ा व्यवसाई शादाब आलम ने कहा कि घरों में बैठकर ऊब चुके थे। कई दिनों बाद दुकान खुलने से राहत महसूस हो रही है। शिवांगी कान्फेक्शनरी की दुकान चलाने वाले सत्येंद्र सिंह पप्पू ने कहा कि दुुकान खोलने की छूट मिलने से वह काफी राहत महसूस कर रहे है। ग्राहकों को सामान देने से पूर्व पूरी सावधानी बरती जा रही है।
कोरोना महामारी से बचे रहने के लिए लॉकडाउन रहा और दुकान नहीं खुलीं, अब दुकानें खुली तो लोग खरीदारी करने के लिए ज्यादा संख्या में आ रहे हैं। लेकिन, हम दुकान पर सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए कम लोगों को सामान बेच रहे हैं।
- अनिल जैन, पंसारी इलेक्ट्रीकल्स
जिस प्रकार से बाजार खुलने के बाद दुकानों में भीड़ उमड़ी है, उससे सोशल डिस्टेंसिंग पालन होते नजर नहीं आया। दुकानदारों को भी दुकान पर भीड़ लगने से रोकना चाहिए। फिर भी आज कहीं भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं हुआ। दुकानदार अपनी दुकानों के सामने सैनिटाइजर भी नहीं रख रहे हैं। इससे कहीं न कहीं खतरा हो सकता।
- मंजीत सिंह सलूजा, ग्राहक
दुकान खुली तो लगा कि मानों वनवास कट गया हो, सुबह नौ बजे अपनी दुकान खेली और खोलते ही ग्राहकों का आना शुरु हो गया है। प्रशासन के वन साइड फार्मूले का हम सभी पालन कर रहे हैं। दुकान पर भीड़ भी नहीं लगने दे रहे हैं।
- अमित जैन, साड़ी भंडार
दुकान न खुलने से बहुत नुकसान हुआ है। लाखों का सामान अभी भी पैक किया रखा है। लॉकडाउन के पहले सीजन के लिए जो सामान मंगाया था, लॉकडाउन होने के कारण दुकान बंद रहने के कारण बिक नहीं पाया। अब कुछ बिकने की आशा जागी है।
- अमित, मालवीय वस्त्र वाटिका
दुकान खुलते ही ग्राहकों की आवाजाही शुरू हो गई है। आज सबसे ज्यादा हौजरी आइटमों की बिक्री हुई है। लॉकडाउन के कारण लोग कहीं आ-जा नहीं रहे थे, इसलिए सब घर पर रहने के हिसाब से होजरी कपड़ों में जैसे लोअर, टीशर्ट, नाईटी आदि की खरीदारी कर रहे हैं।
- गिरीष डोडवानी, भारत बाजार रेडीमेड
पूरे साल में जितनी बिक्री होती है, उतनी तो केवल इन्हीं शादी के सीजन के तीन माह में हो जाती है। लेकिन, अफसोस कि इसी समय में देश में आई कोरोना आपदा के कारण बाजार बंद रहा और शादियां भी उस तरीके कीानहीं हो पाईं और माल नहीं बिका। इससे लाखों का नुकसान हुआ है।
- संदीप सर्राफ, अलंकार ज्वैलर्स
दुकान बंद रहने से बहुत परेशानी थी। जितनी लागत लगाई थी, वह फंसी की फंसी रह गई। लेकिन, अब दुकान खुल गई है तो उम्मीद है कि जो रकम जाम हो गई थी, वह निकल आएगी।
- अंकुर जैन, शानू बाबा ड्रीम कलेक्सन
दुकानें खुल गईं हैं। अब हम लोग वह सामान भी खरीद पा रहे हैं। जो लॉकडाउन के कारण नहीं खरीद पाए थे। अब सब लोग अपने- अपने लिए कपड़े, जूते आदि खरीद रहे हैं। सभी आवश्यक काम के लिए ही बाजार में निकलें, ताकि संक्रमण का भी किसी भी प्रकार का खतरा भी न रहे।
- रवि खटीक, ग्राहक
बाजार में शारीरिक दूरी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। लापरवाही पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- संजय कुमार शुक्ल, सदर कोतवाली प्रभारी
कटरा बाजार में बर्तन की दुकान से बर्तन खरीदते लोग- फोटो : LALITPUR