तहसील में कार्यरत एक लेखपाल का रुपये मांगते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, उस वीडियो में वह 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। पूरे प्रकरण को संज्ञान में लेकर उपजिलाधिकारी रजनीश बाजपेई ने प्राथमिक जांच के आधार लेखपाल को निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय जांच प्रस्तावित की है।
एसडीएम महरौनी ने की कार्रवाई
वायरल वीडियो में कुलदीप खरे लेखपाल पर एक महिला से 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि महिला ने रुपये दिए जाने की बात भी वीडियो में कही जा रही है, हालांकि लेखपाल ने राशि स्वीकार नहीं किए जाने की भी चर्चा है। मामले का संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी ने तुरंत जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच के आधार पर उक्त लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह वीडीओ तहसील क्षेत्र में दिन भर चर्चा में बना रहा, संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान क्षेत्रीय अधिकारियों व राजस्व विभाग के कर्मचारियों में इस प्रकरण को लेकर चर्चा बनी रही।
पीड़ित ने कम रुपये लेने की लगाई गुहार
एक मिनट बाइस सेकेंड के वायरल वीडियो में पीड़ित से लेखपाल 15 हजार की डिमांड करते हुए सुनाई दे रहे हैं। इस पर पीड़ित कहता है कि उसकी मां को हार्ट की समस्या है इलाज चल रहा है। हाथ जोड़ रहा हूं। लेखपाल कहते हैं ठीक है जितना देना है उतना दे दो। इसके बाद पीड़ित नोट गिनने लगता है। लेखपाल पूछता है कितना है पीड़ित बताता है चार हजार। इस पर लेखपाल गुस्से से उठ कर यह कहते हुए चला जाता है रख लो नहीं चाहिए और अब फोन मत लगाना। हालांकि वीडियो के अंत में लेखपाल यह भी कहते हुए सुनाई दे रहा है फ्री में कर देंगे।
इनका यह है कहना
पीड़ित से रुपए मांगने का वीडीओ बायरल होने पर प्रथम दृष्टया कुलदीप खरे लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है, पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच नायब तहसीलदार को सौंपी गई है। आगे की कार्रवाई जांंच रिपोर्ट के आने पर की जाएगी।
रजनीश बाजपेयी उपजिलाधिकारी महरौनी।
वायरल वीडियो...