ललितपुर। पुलिस महानिदेशक कारागार (डीजी जेल) आनंद कुमार ने मंगलवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। यहां जेल कैदियों के बोझ से हांफती मिली। जेल में जहां 180 लोगों को रखने की क्षमता है, वहां अंदर 526 कैदी मिले। ऐसे में जेल में क्षमता से तीन गुना कैदी होने पर उन्होंने कोविड नियमों और सामाजिक दूरी का पालन करने के निर्देश दिए। कहा कि शासन के निर्देश मिले तो सात साल से अधिक सजा वाले कैदियों को इटावा जेल भेजा जाएगा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बैरकों में जाकर बंदियों से खाने की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली और महिला बैरक में किचन व अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे बाद कारागार से निकले महानिदेशक ने पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर निरीक्षण किया गया। कारागार में बंदियों की क्षमता 180 की है लेकिन वर्तमान में 526 कैदी रखे गए हैं। उन्होंने कहा शासन की अनुमति मिलने पर सात वर्ष से अधिक के सजायाफ्ता कैदियों को इटावा भेजा जाएगा। वहां कैदियों को बेहतर उपचार की सुविधाएं मिल जाएंगी।
उन्होंने संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए जेल प्रशासन को पूरी तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि निरीक्षण में जेल परिसर की बैरकों में सफाई व्यवस्था बेहतर पाई। कई कैदियों को वीआईपी सुविधाओं के सवाल पर उन्होंने बताया कि सभी कैदी एक समान है। किसी को वीआईपी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। ऐसा मामला संज्ञान में आने पर जांच कराई जाएगी। कारागार में मरीजों की मदद करने वाली संस्थाओं को 26 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा। प्रस्तावित नई सेंट्रल जेल के निर्माण को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। इस दौरान वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेंद्र कुमार वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक गिरजेश कुमार समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
कैदियों ने बताई इलाज की कमी
उन्होंने बताया कैदियों से समस्याएं जानीं तो किसी ने जमानत तो किसी से अदालत की तारीख की समस्या बताई। वहीं कुछ कैदियों ने बताया कि जिला कारागार में स्वास्थ्य सुविधाएं कम हैं। इस पर उन्होंने कैदियों के उपचार के लिए जिला अस्पताल व अन्य बड़े अस्पतालों में चिकित्सीय परामर्श के अनुसार उपचार मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
दो महिलाओं ने बताई नौकरी से संबंधित समस्या
जिला कारागार में तैनात शाहजहां बेगम ने बताया कि बीते वर्षों से एक ही पद कर कार्य कर रही हैं। नियमानुसार प्रमोशन किया जाए। इस पर उन्होंने जेल अधीक्षक को नियमानुसार कार्रवाई के लिए कहा। वहीं कार्यालय में तैनात मृतक देवेंद्र की पत्नी ने बताया पति की मृत्यु दो वर्ष पूर्व हो गई थी, तब से अब तक अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रही है। अनुकंपा नियुक्ति दिलाई जाए।