जिला कारागार ललितपुर में बंद बागपत के अपराधी ज्ञानेंद्र ढाका के पास मोबाइल फोन और सिम कार्ड मिलने के मामले की जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार की शाम को कानपुर परिक्षेत्र के डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता जिला कारागार पहुंचे और पूरे प्रकरण की गहन जांच की।
बागपत से करीब चार माह पूर्व प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित कर लाए गए बंदी ज्ञानेंद्र ढाका द्वारा जेल के अंदर से फोन के माध्यम से रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया था। डीएम और एसपी द्वारा जेल में छापेमारी के दौरान उसके पास मोबाइल और सिम बरामद हुए थे।
इस मामले की जांच के लिए डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता को नियुक्त किया गया था। उन्होंने शुक्रवार की शाम लगभग साढ़े तीन घंटे तक जेल में रहकर जांच की। बताया गया कि डीआईजी ने निलंबित किए गए प्रभारी जेल अधीक्षक, डिप्टी जेलर और वार्डन से पूछताछ की। साथ ही बंदी ज्ञानेंद्र ढाका सहित अन्य बंदियों से भी पूछताछ कर बयान दर्ज किए। जांच पूरी करने के बाद डीआईजी देर शाम वापस लौट गए।
तन्हाई बैरक में भेजा गया ज्ञानेंद्र ढाका
जेल के अंदर से रंगदारी मांगने और मोबाइल बरामद होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बंदी ज्ञानेंद्र ढाका को जिला कारागार की तन्हाई बैरक में स्थानांतरित कर दिया है। अब उस पर जेल पुलिस की कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
ज्ञानेंद्र को सिम देने वाला गिरफ्तार, जेल में हुई थी दोस्ती
ज्ञानेंद्र ढाका के पास मोबाइल और सिम मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। जांच में खुलासा हुआ कि तालाबपुरा निवासी सतीश यादव ने ज्ञानेंद्र तक मोबाइल और सिम पहुंचाया था। दोनों की दोस्ती जेल के दौरान हुई थी। सतीश हाल ही में जेल से रिहा हुआ था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
रामनरेश नियुक्त हुए जेलर, कार्यभार संभाला
जेल में बंदी के पास से मोबाइल फोन बरामद होने के बाद एडीजी जेल ने लापरवाही बरतने पर प्रभारी जेल अधीक्षक/जेलर जीवन सिंह, डिप्टी जेलर प्रिंस बाबू और वार्डर आकाश कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। शुक्रवार को रामनरेश को जेलर के पद पर नियुक्त किया गया है। उन्होंने जिला कारागार पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया।
अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने बताया कि फोन कर जेल के अंदर से रंगदारी मांगी गई थी। इस सूचना पर जेल की चेकिंग की गई, जिसमें बंदी ज्ञानेंद्र ढाका के पास मोबाइल और सिम मिले। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सिम सतीश यादव ने पहुंचाई थी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच जारी है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।