उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे अधिक गरीबी बुंदेलखंड में है और उसमें भी सबसे ज्यादा गरीब महोबा और ललितपुर में है। इसमें सुधार के लिए योगी सरकार की ओर से कोई प्रभावी काम नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सूखे के दौरान समाजवादियों ने गरीबों तक राहत पहुंचाने का काम किया था। कोरोना काल में भी समाजवादी ही लोगों की मदद के लिए आए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने मजदूरों को प्रदेश की सीमा के भीतर दाखिल होने से रोका और उन्हें कई दिनों जानवरों जैसे बाड़े में रखा गया।
भाजपा सरकार में जनता को सिर्फ लाइन मिली
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दरमियान देश के बंटवारे से भी बदतर तस्वीरें सामने आई। योगी वही होते हैं जो दूसरों का दुख दर्द समझते हैं लेकिन मुख्यमंत्री योगी नहीं हैं। भाजपा सरकार में लोगों को केवल लाइन ही मिली है। कभी नोटबंदी के दरमियान लाइन में खड़े होना पड़ा, कोरोना में दवाओं के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ा तो अब खाद के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की सरकार बनने पर खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। ललितपुर में खाद के लिए लोगों की जान तक चली गई। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर किसानों को सभी सहूलियत दी जाएंगी, जिससे वे दो फसल कर सकें। उनकी नौकरी और कारोबार का इंतजाम किया जाएगा।
यह नाम बदलने वाली सरकार
उन्होंने योगी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो खुद लैपटॉप नहीं चला सकते वे लैपटॉप बांट भी नहीं सकते। यह नाम बदलने वाली सरकार है। 100 नंबर का 112 कर पुलिस का कबाड़ा कर दिया। थाने में लोगों की रिपोर्ट नहीं लिखी जाती है। इतना अन्याय कभी नहीं हुआ जो अब हो रहा है। कृषि कानून वोटों के लिए वापस लिए गए हैं। इनका किसानों के हित से कोई सरोकार नहीं है।