ललितपुर। जून और जुलाई की बारिश गोविंद सागर बांध के लिए नाकाफी साबित हुई है। इस बारिश से बांध में एक इंच भी पानी की बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। वर्तमान में 80 फिट के आसपास बांध में पानी है। इससे शहरवासियों की ही प्यास बुझ सकती है। ऐसे में किसानों के लिए आगामी महीनों में सिंचाई का संकट खड़ा हो सकता है।
शहर के एक किनारे पर शहजाद नदी पर गोविंद सागर बांध बना हुआ है, जो काफी पुराना है। इसमें संपूर्ण जलाशय का स्तर 94 फीट रहता है। 15 अगस्त तक बांध में जल का अधिकतम स्तर 92 फीट रखा जाता है, लेकिन मौजूदा समय में 80 फीट के आसपास ही है। इससे बांध में जल के कम स्तर को आंका जा सकता है। बांध से फसलों की सिंचाई के लिए पानी की निकासी की जाती है। इसे ध्यान में रखकर दाईं व बाईं नहर बनाई गई है, जो शहर के बीच से होकर निकलती है। पिछले साल के मुकाबले अब तक काफी कम बारिश हुई है, इससे बांध के जलस्तर में सुधार नहीं हुआ है।
अगस्त में ही बारिश होने की उम्मीद
वर्ष 2018 में जुलाई तक तहसील ललितपुर में 368 मिमी, महरौनी में 282 और तालबेहट में 410 मिमी बारिश हो चुकी थी। वर्ष 2019 में जुलाई माह तक तहसील ललितपुर में 400 मिमी, महरौनी में 139, तालबेहट में 196 मिमी बारिश हो चुकी थी। इस तरह औसतन बारिश 244.95 मिमी हुई थी। आमतौर लोगों में मान्यता है कि सावन के महीने में अच्छी बारिश होती है, लेकिन इस महीने में कम बारिश हुई है। इससे किसानों को फसल की सिंचाई की चिंता सताने लगी है और अब वे आसमान की निहारने लगे हैं। हालांकि, शहरवासियों के लिए फिलहाल पीने के पानी की समस्या आने वाली नहीं है। बांध में पीने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्धता बनी हुई है। जुलाई का महीना पूरा निकल गया है, अब अगस्त में ही पानी बरसने की उम्मीद है। इस बार अभी तक 175 मिलीमीटर के आसपास ही बारिश हुई है।
जनपद में कई बांध बने हुए हैं। इनमें गोविंद सागर बांध देर से भरता है, इसकी वजह जिस नदी पर बांध है, उसकी लंबाई ज्यादा नहीं है। इस कारण ग्राम बंट के तालाब सहित कई पोखर व नालों के भरने पर ही बांध में पानी आता है।
- पुष्पेंद्र निरंजन
गोविंद सागर बांध बने काफी लंबा समय हो गया है, लेकिन उसकी अभी तक बड़ी मरम्मत नहीं कराई गई है। यदि बांध का गहरीकरण व सिल्ट सफाई करा दी जाए तो बांध में पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता रखी जा सकती है।
- आशीष अग्रवाल
जिले में फसल का करवेज एरिया बढ़ता ही जा रहा है और उसके मुकाबले गोविंद सागर बांध से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। योजना बनाई जानी चाहिए, जिससे सिंचाई के लिए परेशान नहीं होना पड़े।
- विवेक बोहरे
गोविंद सागर बांध का पानी शहर के बीच से नदी के माध्यम से निकलता है। बारिश के दिनों में गेट खुलने पर बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी खड़ी हो जाती है।
- उवेश खान
गोविंद सागर बांध शहर के किनारे बसा है। यदि बांध की तलहटी और आसपास के एरिया का सौंदर्यीकरण कराया जाए तो यह पिकनिक स्पॉट बन सकता है। पहले तलहटी में पार्क था, जो देखरेख के अभाव में अवशेष रह गया है।
- अमित तिवारी
गोविंद सागर बांध से नहरें निकली हुई हैं, जब इसमें पानी छोड़ा जाता है तो बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद हो जाता है। यदि इस पानी की बर्बादी रोक दी जाए तो काफी हद तक उस पानी का सदुपयोग किया जा सकता है।
- जयकुमार
गोविंद सागर बांध में पीने का पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बांध में अभी तक बारिश का पानी नहीं पहुंचा है। यदि यही हाल रहा तो किसानों के सामने आगे सिंचाई का संकट उत्पन्न हो सकता है। बांध में अभी इतना पानी है कि साल भर के लिए पीने के पानी के लिए कोई समस्या नहीं आएगी। - मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता