ललितपुर। गेहूं खरीद में अधोमानक गेहूं खरीद करना एक खरीद एजेंसी को महंगा पड़ गया है। जिलाधिकारी ने कार्रवाई करते हुए उस संस्था को ब्लैकलिस्टेड कर दिया है। साथ ही भविष्य में होने वाली खरीद से भी वंचित कर दिया है। इससे एजेंसी से जुड़े लोगों में खलबली मच गई है।
जनपद में 92,500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था। इस लक्ष्य को पाने के लिए 128 खरीद केंद्र संचालित किए गए थे। इनमें विभिन्न संस्थाओं के साथ मल्टीस्टेट कंपनियां व एफपीओ (फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड) को खरीद करने का अवसर प्रदान किया गया। शुरुआत से ही गेहूं खरीद में गड़बड़ी की शिकायतें विभागीय अफसरों के समक्ष पहुंचने लगी थीं। इस पर जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने मल्टीस्टेट/एफपीओ के 32 केंद्र एवं पीसीएफ के अंतर्गत मल्टीस्टेट कंपनी के 20 केंद्र, नैफेड के 5 केंद्र, यूपीसीयू के 8 केंद्र, एनसीसीएफ के 4 केंद्रों की खरीद पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी गड़बड़ियों पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका। इसके बाद जिलाधिकारी ने केंद्रवार नोडल अधिकारी नामित कर दिए थे।
इसी दौरान शिप्रा फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड चर्चा में आई। कंपनी द्वारा खरीदे गए गेहूं की डिलीवरी गोदामों में की जा रही थी। लेकिन, एफसीआई के क्वालिटी कंट्रोलर ने गेहूं की बोरियों में कंकड़ मिलने की शिकायत पर इसे लेने से इंकार कर दिया था। इस पर कांग्रेस सहित विभिन्न संगठनों ने संस्था पर कार्रवाई की मांग की थी।
‘अमर उजाला’ ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने संस्था द्वारा की गई गेहूं खरीद की जांच कराई। इसमें संस्था की अत्यधिक लापरवाही सामने आई। इस पर उन्होंने संस्था को काली सूची में डाल दिया है।
इतनी हुई खरीद
जिले में 30 जून तक 80694.85 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। लेकिन, जिला निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका था। फिर भी पिछले साल के मुकाबले ज्यादा खरीद हुई। पिछले साल 72017.86 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इससे जिले के अधिकारी मौजूदा खरीद लक्ष्य के करीब पहुंचने पर संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
यह हुआ आदेश
जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने आदेश में कहा कि रबी विपणन वर्ष 2020-21 के अंतर्गत पीसीएफ ललितपुर से संबद्घ एफपीओ शिप्रा फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा जनपद में गेहूं खरीद में अत्यधिक लापरवाही बरती गई। एफपीओ शिप्रा फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा बड़ी मात्रा में अधोमानक गेहूं खरीद करने के दृष्टिगत भविष्य में गेहूं खरीद से वंचित करते हुए ब्लैकलिस्टेड किया जाता है।
गेहूं खरीद में शिप्रा फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी ने लापरवाही बरती। इस पर जिलाधिकारी ने उक्त संस्था को ब्लैकलिस्टेड कर दिया है। - राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी