बांध में वर्षभर रहेगा पानी, किसानों को सिंचाई के लिए तो शहरवासियों को पेयजल के लिए मिलेगा पर्याप्त पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। केन बेतवा लिंक परियोजना के तहत बेतवा नदी से गोविंद सागर बांध तक करीब दो टीएमसी यानी 5,663 करोड़ लीटर पानी करीब 30 किलोमीटर कैनाल के जरिये लाया जाएगा। बांध में दो टीएमसी पानी आने से गोविंद सागर बांध में वर्षभर पर्याप्त मात्रा में पानी रहेगा। इससे किसानों को सिंचाई के लिए अधिक पानी मिलेगा। साथ ही शहर के लोगों के लिए गर्मी के दिनों में पेयजल संकट से भी नहीं जूझना पड़ेगा।
बुंदेलखंड के लिए अमृतदायनी बनने वाली केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट में 2800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केन बेतवा लिंक परियोजना का लाभ जनपद को भी मिलेगा। इस योजना के तहत गोविंद सागर बांध को दो टीएमसी पानी मिलना निर्धारित किया गया है।
यह पानी जाखलौन क्षेत्र में बहने वाली बेतवा नदी से लिया जाएगा। बेतवा नदी से गोविंद सागर बांध तक पानी को करीब 30 किलोमीटर लंबी आरसीसी कैनाल के जरिये लाने की योजना विभाग ने बनाई है। यह पानी साल भर में पांच चरणों में लिया जाएगा। इससे करीब 3533 हेक्टेयर अतिरिक्त फसल सिंचित होगी।
वहीं, गर्मी के दिनों में बांध में पर्याप्त मात्रा में पानी न होने से बांध पर संचालित पेयजल योजनाएं भी प्रभावित होती थीं और शहर के लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता था लेकिन बांध में गर्मी के दिनों में पानी बने रहने से इन पेयजल योजनाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलेगा।
पांच चरणों में लिया जाएगा बेतवा नदी से पानी
चरण - माह - पानी की मात्रा
प्रथम - नवंबर - 10 एमसीएम
दूसरा - दिसंबर - 10 एमसीएम
तीसरा - जनवरी - 20 एमसीएम
चौथा - फरवरी - 06 एमसीएम
पांचवां - मार्च - शेष बचा हुआ पानी
इन्हें आवंटित होगा पानी
4.38 एमसीएम पानी नेहरू नगर पेयजल योजना
11.32 एमसीएम पानी जल संस्थान
0.07 एमसीएम रेलवे विभाग को
गोविंद सागर बांध पर एक नजर
1952 में निर्मित
18 गेट प्रणाली
03 ऑटोमेटिक साइफन प्रणाली
363.93 मीटर पूर्ण जलस्तर
357.83 मीटर न्यूनतम जलस्तर
96.79 मिलियन घन मीटर पानी भंडारण क्षमता
190.09 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली
10820 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्रफल
वर्जन
केन बेतवा लिंक परियोजना से गोविंद सागर बांध को दो टीएमसी पानी मिलना तय है। यह पानी बेतवा नदी से लिफ्ट करके कैनाल के जरिये लाया जाएगा। इससे बांध में वर्षभर पानी रहेगा। इससे किसानों को सिंचाई के लिए और शहर के लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी साल भर मिलता रहेगा। - जितेंद्र सिंह कनौजिया, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्य मंडल, ललितपुर