बार/ ललितपुर। कोरोना काल में लगाए गए लॉकडाउन से अब तक बार - झांसी लोहिया ग्रामीण बस सेवा का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इससे क्षेत्रवासियों को आवाजाही की परेशानी हो गई है। मजबूरन ही डग्गामार वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है। वहीं, मरीज भी मुख्यालयों पर अस्पतालों में समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की, लेकिन अब तक बसें नहीं चलाई गई हैं।
वर्ष 2015 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात को सुगम बनाने के लिए लोहिया ग्रामीण बस सेवा शुरू की थी। इसके अंतर्गत जनपद में 20 बसों का संचालन शुरू किया गया था। इन बसों के किराए में राहत देने के लिए सामान्य बसों की अपेक्षा 25 प्रतिशत कम था। तब बस सेवा शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में बस यात्रा की सुविधा मिल गई थी। लेकिन जिले में विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते लोहिया ग्रामीण बस सेवा सुदृढ़ नहीं हो पा रही है। लगातार बसों की संख्या कम की जा रही है। जहां शुरूआती दौर में बीस बसों का संचालन किया जा रहा था, जो घटकर चार-पांच तक रह गई हैं। कई रूटों पर बसों का संचालन पूरी तरह से ठप कर दिया गया है।
छात्र भी पढ़ाई करने के लिए महानगरों की तरफ अप - डाउन नहीं कर पा रहे हैं। बसों के अभाव में मजबूरन लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। टैक्सियों में क्षमता से अधिक सवारियां बिठाई जा रही हैं। इससे दुर्घटनाएं होने का खतरा बना हुआ है। क्षेत्रवासियों ने कई बार मांग की, लेकिन अब तक बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका है।
रोडवेज बसों का संचालन कस्बा बार में कई महीनों से ठप पड़ा है। इससे क्षेत्र के लोगों को झांसी-ललितपुर जाने के लिए परेशानी हो रही है। - सुनील मिश्रा, बार।
प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन त्योहार पर रोडवेज बसों में बहनों को फ्री यात्रा करने की घोषणा की, लेकिन बसों का संचालन नहीं होने से सुविधा नहीं मिल पाई है।- राकेश कुमार जोशी।
सरकार द्वारा संचालित रोडवेज बसों के न चलने से क्षेत्र के छात्र महीनों से आवागमन के लिए परेशान हो रहे हैं। शीघ्र ही क्षेत्र में बस का संचालन शुरू किया जाए। - नीलेश गुप्ता, छात्र।