संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जामनी बांध से निकलकर मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ क्षेत्र में सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली करीब 9.400 किलोमीटर नहर को दो करोड़ रुपये से मॉडल नहर के रूप में विकसित किया जाएगा। नहर पर पुल, पुलिया की मरम्मतीकरण सहित सीपेज, लीकेज को दूर कराया जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसका स्टीमेट तैयार कर शासन को भेज दिया है।
जामनी नदी पर मडावरा क्षेत्र में जामनी बांध का निर्माण वर्ष 1973 में हुआ था। यह बांध तब से लेकर अभी तक जनपद के लिए तो महत्वपूर्ण है ही, मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के लिए भी वरदान से कम नहीं है। इस बांध परियोजना से 230 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली संचालित है। करीब 22 किलोमीटर लंबी कैनाल मध्य प्रदेश के लिए जाती है। इसमें नौ किलोमीटर जिले की सीमा और शेष 13 किलोमीटर मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ सीमा में है। इस 22 किलोमीटर नहर, माइनर व कुलाबे काफी पुराने हो जाने के कारण जर्जर अवस्था में हैं।
नहरों में पानी छोड़े जाने के दौरान लीकेज और सीपेज से काफी पानी बर्बाद हो जाता है। ऐसे में पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता। अब इस समस्या से छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है। सिंचाई विभाग ने जामनी बांध से निकली इस नहर के 9.400 किलोमीटर क्षेत्र का आधुनिकीकरण कर इसे मॉडल नहर बनाने के लिए करीब दो करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी है। नहर के क्षतिग्रस्त स्थानों को सुधारा जाएगा, पक्के पुल और पुलिया बनाए जाएंगे। नहर की लाइनिंग सहित अन्य काम भी कराए जाएंगे। अधिकारियों ने कार्ययोजना को जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद जताई है। नहर सुदृढ़ होने से जो पानी बचेगा, उससे सिंचित क्षेत्र बढ़ेगा और किसानों को लाभ मिलेगा।
फैक्ट फाइल
- 14 दिन होता है टीकमगढ़ क्षेत्र के लिए नहर का संचालन
- 60 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए कराया जाता है उपलब्ध
- 3000 हेक्टेयर भूमि एमपी क्षेत्र की होती है सिंचित
बाउंड्री-पिलर बनाकर किया जाएगा नहर की भूमि का सीमांकन
जामनी बांध से निकली इस नहर के दोनों ओर सिंचाई विभाग की जमीन को सुरक्षित करने और अवैध कब्जा रोकने के लिए यहां बाउंड्रीवाल व पिलर बनाकर सीमांकन किया जाएगा।
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जामनी बांध से मध्य प्रदेश के लिए जानी वाली नहर के 9.400 किलोमीटर एरिया का दो करोड़ रुपये से आधुनिकीकरण कर इसे मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। नहर पर पुल, पुलिया का मरम्मतीकरण सहित अन्य सुधार कराए जाएंगे। इसकी कार्ययोजना शासन को भेजी गई है।
इं. सलमान खान, सहायक अभियंता सिंचाई खंड