ललितपुर। गैस सिलिंडर के लगातार बढ़ रहे दाम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ रहे हैं। करीब एक पखवाड़ा में प्रति सिलिंडर 50 रुपये की बढ़ोत्तरी हो गई है। बीते माह 16 अगस्त को 25 रुपये बढ़ाए गए, इससे दाम 880.50 से बढ़कर 906 हो गए हैं। एक सितंबर को दाम बढ़ने से सिलिंडर की कीमत 931.50 रुपये पहुंच गई है। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है।
कोरोना काल में लगाए गए लॉकडाउन में आर्थिक रूप से प्रभावित हुए लोगों की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ पाईं हैं। अब रसोई गैस के बढ़ते दाम भी मुसीबत बढ़ा रहे हैं। अब सिलिंडर के दाम बढ़ने से 931.50 रुपये का सिलेंडर हो गया है। लोगों का कहना है कि अब सिलिंडर भरवाना मुश्किल हो रहा है। महिलाएं बढ़ाए गए दामों को लेकर अचंभित हैं। कोरोना काल में पहले ही मध्य वर्ग के लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई थी, महंगाई और बढ़े दामों से एक माह के वेतन से पूरा घर चला पाना मुश्किल हो गया है।
रसोई गैस सिलिंडर के बढ़ते दाम चिंता बढ़ा रहे हैं। दो सप्ताह में प्रति सिलिंडर 50 रुपये दाम बढ़ गया है। सरकार को कुछ करना चाहिए, जिससे सभी लोगों को सिलिंडर भरवाने में परेशानी न हो। - वंदना विश्वकर्मा
रसोई गैस सिलिंडर का इस्तेमाल हर परिवार में होता है, लेकिन सरकार ने लगातार तीन महीने में 25-25 रुपये बढ़ाकर बजट बिगाड़ दिया है। महंगाई ने अब लोगों को परेशान कर दिया है। - राजकुमारी, गृहणी
सरकार ने गरीबों को उज्ज्वला योजना के तहत सस्ते में गैस कनेक्शन देकर गुमराह किया है। पहले चार से साढ़े चार सौ रुपये में सिलिंडर भर जाता था। अब 1000 के पास पहुंचने से घरों में सिलिंडर खाली पड़े हुए हैं। - नन्नी दुलैया, गृहणी
रसोई गैस की कीमतें जब घटती हैं, तो एक या दो रुपयों की कमी होती है, लेकिन कीमतों में बढ़ोत्तरी इतनी ज्यादा होती हैं कि घर का बजट बिगड़ जाता है। मूल्य वृद्धि से सिलिंडर भरवाने में परेशानी होती है। - ऊषा देवी, गृहणी